Latest Updates
-
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत -
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश -
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं
Nautapa 2023 : इन 9 दिन सूर्यदेव रहेंगे अपने प्रचंड रुप में, नौतपा में नहीं होंगे मांगलिक कार्य, ये काम करें
Nautapa 2023: नौतपा का मतलब नौ दिनों तक भयंकर गर्मी से होता है। नौतपा की शुरुआत तब होती है जब इस पृथ्वी पर प्रत्यक्ष देवता माने जाने वाले सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हुए कुल 15 दिनों तक की यात्रा पर रहते हैं। इस दौरान सूरज की किरणें उत्तरी भारत पर सीधी पड़ती हैं।
इस साल नौतपा 22 मई से शुरू होगा। सूर्य 5 जून तक रोहिणी नक्षत्र में रहने वाले हैं तो 5 जून के बाद ही नौतपा समाप्त होगा। आइए जानते हैं, नौतपा का ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व भी है, आइए जानते हैं कि दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष ज्येष्ठ माह के दौरान नौतपा आरंभ हो जाता है। इस दौरान सूर्यदेव ज्येष्ठ माह में रोहिणी नक्षत्र में होते हैं तब सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती है जिस कारण से प्रचंड गर्मी पड़ती है। जब सूर्य चंद्रमा के नक्षत्र रोहिणी में जाता है तो उससे उस नक्षत्र को अपने पूर्ण प्रभाव से ले लेता है। इस वजह से पृथ्वी को शीतलता नहीं मिलती है और तापमान बढ़ जाता है।
नहीं करने चाहिए धार्मिक कार्य
नौतपा को धर्म से जोड़कर देखने वाले लोगों का कहना है कि इस दौरान कुछ मांगलिक कार्य भी नहीं करने चाहिए। नौतपा के 09 दिनों में आंधी, तूफान की आशंकी बनी रहती है, ऐसे में शादी, मुंडन या अन्य मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए। साथ ही कहा जाता है कि नौतपा में सूर्य की प्रचंड गर्मी के कारण धरती का तापमान बढ़ जाता है, इस स्थिति में यात्रा करने से भी बचना चाहिए। वहीं खान-पीन को लेकर भी कई तरह की सलाह दी जाती है।
सूर्यदेव की पूजा करें
नौतपा के दौरान सूर्य की आराधना करने से मनुष्य की जन्म कुंडली में विराजमान सभी ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है। प्रत्यक्ष देवता सूर्य और चंद्रमा दोनों में ही पूर्व के जन्मों के पाप से मुक्ति दिलाने की शक्ति रहती है। सूर्य और चंद्रमा के अर्घ्य देने और प्रणाम करके ही प्राणी भवसागर से मुक्त हो जाता है।



Click it and Unblock the Notifications