Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
Nautapa 2023 : इन 9 दिन सूर्यदेव रहेंगे अपने प्रचंड रुप में, नौतपा में नहीं होंगे मांगलिक कार्य, ये काम करें
Nautapa 2023: नौतपा का मतलब नौ दिनों तक भयंकर गर्मी से होता है। नौतपा की शुरुआत तब होती है जब इस पृथ्वी पर प्रत्यक्ष देवता माने जाने वाले सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हुए कुल 15 दिनों तक की यात्रा पर रहते हैं। इस दौरान सूरज की किरणें उत्तरी भारत पर सीधी पड़ती हैं।
इस साल नौतपा 22 मई से शुरू होगा। सूर्य 5 जून तक रोहिणी नक्षत्र में रहने वाले हैं तो 5 जून के बाद ही नौतपा समाप्त होगा। आइए जानते हैं, नौतपा का ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व भी है, आइए जानते हैं कि दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष ज्येष्ठ माह के दौरान नौतपा आरंभ हो जाता है। इस दौरान सूर्यदेव ज्येष्ठ माह में रोहिणी नक्षत्र में होते हैं तब सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती है जिस कारण से प्रचंड गर्मी पड़ती है। जब सूर्य चंद्रमा के नक्षत्र रोहिणी में जाता है तो उससे उस नक्षत्र को अपने पूर्ण प्रभाव से ले लेता है। इस वजह से पृथ्वी को शीतलता नहीं मिलती है और तापमान बढ़ जाता है।
नहीं करने चाहिए धार्मिक कार्य
नौतपा को धर्म से जोड़कर देखने वाले लोगों का कहना है कि इस दौरान कुछ मांगलिक कार्य भी नहीं करने चाहिए। नौतपा के 09 दिनों में आंधी, तूफान की आशंकी बनी रहती है, ऐसे में शादी, मुंडन या अन्य मांगलिक कार्यों को करने से बचना चाहिए। साथ ही कहा जाता है कि नौतपा में सूर्य की प्रचंड गर्मी के कारण धरती का तापमान बढ़ जाता है, इस स्थिति में यात्रा करने से भी बचना चाहिए। वहीं खान-पीन को लेकर भी कई तरह की सलाह दी जाती है।
सूर्यदेव की पूजा करें
नौतपा के दौरान सूर्य की आराधना करने से मनुष्य की जन्म कुंडली में विराजमान सभी ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है। प्रत्यक्ष देवता सूर्य और चंद्रमा दोनों में ही पूर्व के जन्मों के पाप से मुक्ति दिलाने की शक्ति रहती है। सूर्य और चंद्रमा के अर्घ्य देने और प्रणाम करके ही प्राणी भवसागर से मुक्त हो जाता है।



Click it and Unblock the Notifications