Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
Kainchi Dham: जहां देसी और विदेशी भक्त खिंचे चले आते हैं बाबा नीम करोली का आर्शीवाद पाने
Neem Karoli Baba :उत्तराखंड के नैनीताल में मौजूद कैंची धाम आश्रम के बाबा नीम करोली पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध हैं। बाबा नीम करोली की प्रसिद्धि इस बात से भी आंकी जा सकती है कि सिलीकॉन वैली के दिग्गज भी यहां आकर नतमस्तक हो जाते हैं।
बाबा के भक्त सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेश में भी हैं। हॉलीवुड एक्टर से लेकर क्रिकेटर तक बाबा के भक्तों की लिस्ट में शुमार हैं।
बाबा के भक्त और जाने-माने लेखक रिचर्ड अल्बर्ट ने 'मिरेकल आफ लव' नाम से बाबा पर लिखी पुस्तक में उनके चमत्कारों का वर्णन किया है। आइए जानते हैं कैसे पहाड़ों के बीच शांत वातावरण में बसा ये आश्रम सिलिकॉन वैली से लेकर ग्लैमर्स वर्ल्ड में छा गया।

कौन थे बाबा नीम करौली
सनातन परंपरा से जुड़े सिद्ध संतों में से एक बाबा नीम करोली के बारे में मान्यता है कि वे पवनपुत्र हनुमान का स्वरूप थे। साधु बनने से पहले उनका नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था। मान्यता है कि उन्होंने किशोरावस्था में ही साधू वेश धारण कर लिया था। बाबा नीम करौली के तमाम भक्त उन्हें हनुमान जी का अवतार ही मानते हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि बाबा नीम करोली को हनुमान जी की चमत्कारी सिद्धियां प्राप्त थीं और वे उन्हीं के जरिए वे अक्सर अपने भक्तों का उद्धार किया करते थे। वैसे बाबा नीम करोली ने देश में कई हनुमान मंदिर बनवाए थे।
बाबा नीम करोली के मशहूर है चमत्कारिक किस्से
मान्यता है कि एक बार बाबा के पावन धाम में बन रहे भंडारे में अचानक से घी कम पड़ गया तो लोग परेशान होने लगे। जब यह बात बाबा नीम करोली तक पहुंची तो उन्होंने अपने भक्तों से नदी से पानी भर कर लाने को कहा। कहते हैं कि बाबा नीम करोली के उस पानी को स्पर्श करते ही पानी घी में बदल गया।
कुछ ऐसे ही जब एक बार बाबा भक्त कड़ी धूप में निढाल पड़कर गिरने वाला था तब बाबा ने अचानक से बादल की छतरी प्रदान कर उसे उसकी मंजिल तक पहुंचाने में मदद की।
- फेसबुक की हालत ठीक नहीं थी तो उसके मालिक मार्क जुकरबर्ग बाबा नीम करोली के आश्रम पहुंचे, जिसके बाद उनकी कारोबार एक बार फिर चल निकला।
- कहा जाता है कि 1974 में स्टीव जॉब्स बाबा अपने जीवन का सबसे बड़ा सच, जोकि रहस्य बन चुका था, जानने के लिए नीम करोली के आश्रम पहुंचे थे। हालांकि, उनकी मुलाकात बाबा करोली से नहीं हो सकी थी, क्योंकि बाबा 1973 में अपनी देह त्याग चुके थे। अपनी यात्रा के दौरान स्टीव जॉब्स नैनीताल के कैंचीधाम में रुके। कुछ समय यहां गुजारने के बाद वह वापस अमेरिका लौट गए और फिर उन्होंने एप्पल कंपनी बनाई। माना जाता है कि मार्क जुकरबर्ग को कैंची धाम भेजने वाले भी स्टीव जॉब्स ही थे। बाबा के ऐसे अनगिनत चमत्कारों को कई किताबों और लेखों के जरिए लिखा जा चुका है।
ये सेलिब्रेटी है बाबा के भक्त
मार्क जुकरबर्ग और एप्पल फाउंडर स्टीव जॉब्स के अलावा अभिनेत्री जूलिया रॉर्बट्स बाबा की फोटो देखने के बाद ही 2010 में उनकी भक्त बन गई। उन्होंने एक टीवी शो में इस बात को माना था कि हिंदू धर्म उन्हें अपनी ओर आकर्षित करता है। नए साल के मौके पर क्रिकेटर विराट कोहली और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा अपनी बेटी के साथ वृंदावन स्थित नीम बाबा की 'कुटिया' (झोपड़ी) में ध्यान करने के बाद 'समाधि' के 'दर्शन' किए। इसके कुछ दिनों बाद ही विराट ने श्रीलंका के खिलाफ पहली सेंचुरी बना दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कैंची धाम में दर्शन के लिए जा चुके हैं।
कहां है बाबा का कैंची धाम
बाबा नीम करौली के जिस कैंची धाम आश्रम की स्थापना 1964 में हुई थी, वह उत्तराखंड के नैनीताल जिले से महज 17 किमी दूर अल्मोड़ा मार्ग पर पड़ता है। जबकि भवाली से इसकी दूरी महज 09 किमी और काठगोदाम रेलवे स्टेशन से बाबा का आश्रम लगभग 36 किमी दूर पड़ता है। काठगोदाम कैंची धाम जाने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन है।



Click it and Unblock the Notifications