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Papamochani Ekadashi Wishes in Sanskrit: पापमोचिनी एकादशी पर शेयर करें ये दिव्य संस्कृत मंत्र और संदेश
Papamochani Ekadashi Wishes in Sanskrit: हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, पापमोचिनी एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि स्वयं को शुद्ध करने और अनजाने में हुए पापों से मुक्ति पाने का एक स्वर्णिम अवसर है। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की यह एकादशी भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त करने का दिन है। इस बार पापमोचिनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026, दिन रविवार को रखा जाएगा। इस पवित्र दिन पर जब हम अपनों को मंगलकामनाएं भेजते हैं, तो यदि वे संस्कृत के श्लोकों और मंत्रों के रूप में हों, तो उनकी शुभता और बढ़ जाती है।
संस्कृत को देववाणी कहा जाता है, और इन मंत्रों के उच्चारण मात्र से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आज के इस विशेष लेख में हम आपके लिए लेकर आए हैं पापमोचिनी एकादशी की 50 से अधिक संस्कृत विशेज, दिव्य श्लोक और उनके हिंदी अर्थ, जिन्हें आप अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा कर सकते हैं।

पापमोचिनी एकादशी: दिव्य संस्कृत श्लोक और हिंदी अर्थ
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं,
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्,
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
अर्थ: शांत स्वरूप, शेषनाग की शय्या पर सोने वाले, जिनकी नाभि में कमल है,
जो देवताओं के भी ईश्वर और ब्रह्मांड के आधार हैं।
ऐसे लक्ष्मीपति, कमल नयन भगवान विष्णु,
जो जन्म-मरण के भय को दूर करते हैं, उन्हें मैं नमन करता हूँ।
सशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलं सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्षणम्।
सहारवक्षःस्थलशोभिकौस्तुभं नमामि विष्णुं शिरसा चतुर्भुजम्॥
अर्थ: जिनके हाथों में शंख और चक्र है, जो मुकुट और कुंडल पहने हैं,
पीतांबर धारी हैं और जिनकी आँखें कमल के समान सुंदर हैं।
जिनके वक्षस्थल पर कौस्तुभ मणि चमक रही है,
उन चार भुजाधारी विष्णु को मैं सिर झुकाकर प्रणाम करता हूँ।
मंगलम भगवान विष्णुः, मंगलम गरुड़ध्वजः।
मंगलम पुण्डरीकाक्षः, मंगलाय तनो हरिः॥
अर्थ: भगवान विष्णु का मंगल हो, गरुड़ जिनका वाहन है उनका मंगल हो,
जिनकी आँखें कमल के समान हैं उनका मंगल हो।
भगवान हरि हमारे लिए सर्वदा मंगल करें।
नमस्ते पुण्डरीकाक्ष नमस्ते विश्वभावन।
नमस्तेऽस्तु जगन्नाथ शङ्खचक्रगदाधर॥
अर्थ: हे कमल नयन! आपको नमस्कार है।
हे विश्व के रचयिता! आपको नमस्कार है।
हे जगन्नाथ! शंख, चक्र और गदा धारण
करने वाले आपको कोटि-कोटि नमन है।
पापोहं पापकर्मार्हं पापात्मा पापसंभवः।
त्राहि मां पुण्डरीकाक्ष सर्वपापहरो भव॥
अर्थ: हे पुण्डरीकाक्ष! मैं पापी हूँ, पाप कर्म करने वाला हूँ,
और पाप से ही उत्पन्न हुआ हूँ। हे प्रभु!
मेरी रक्षा करें और मेरे सभी पापों का हरण करें।
पापमोचिनी एकादशी संस्कृत संदेश
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय॥
अर्थ: भगवान वासुदेव (श्री विष्णु) को नमस्कार है।
शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यम्व
न्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
अर्थ: जिनकी आकृति अति शांत है, जो शेषनाग की शय्या पर शयन करते हैं,
जिनकी नाभि में कमल है, जो देवताओं के भी ईश्वर और
जगत के आधार हैं, उन भगवान विष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ।
मंगलम भगवान विष्णुः, मंगलम गरुड़ध्वजः।
मंगलम पुण्डरीकाक्षः, मंगलाय तनो हरिः॥
अर्थ: भगवान विष्णु का मंगल हो, गरुड़ध्वज का मंगल हो,
कमल जैसे नेत्रों वाले पुण्डरीकाक्ष का मंगल हो, भगवान हरि हमारा मंगल करें।
सशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलं सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्षणम्।
सहारवक्षःस्थलशोभिकौस्तुभं नमामि विष्णुं शिरसा चतुर्भुजम्॥
अर्थ: शंख और चक्र धारण किए हुए, किरीट और कुंडल से सुशोभित,
पीतांबर धारी, कमल जैसे नेत्रों वाले और कौस्तुभ
मणि से सुशोभित भगवान विष्णु को मैं प्रणाम करता हूँ।
नमस्ते पुण्डरीकाक्ष नमस्ते विश्वभावन।
नमस्तेऽस्तु जगन्नाथ शङ्खचक्रगदाधर॥
अर्थ: हे कमल नयन! आपको नमस्कार है।
हे विश्व के रचयिता! आपको नमस्कार है। हे जगन्नाथ! शंख,
चक्र और गदा धारण करने वाले आपको नमन है।
अन्य दिव्य संदेश (Sanskrit & Short Quotes)
एकादशी तिथिः शुभा भवतु।
हरिः ॐ तत्सत्।
विष्णु भक्तिः शाश्वत सुखावहः।
नारायणः परं ब्रह्म, नारायणः परं तपः।
एकादशी व्रतेन पुण्यवृद्धिः भवतु।
मंगलाय तनो हरिः।
ॐ नमो नारायणाय।
जगन्नाथः स्वामी नयनपथगामी भवतु मे।
पापविनाशिनी एकादशी।
विष्णु शरणं गच्छामि।
तव जीवनं हरिभक्तियुक्तं भवतु।
शुभा एकादशी।
सर्वलोकेश्वरः विष्णुः प्रसीदतु।
पापमोचिनी तिथौ कोटिशः वन्दना।
श्रीहरिः सर्वं साधयतु।
नारायण नमस्तुभ्यं।
भक्तिः मुक्तिः च लभताम्।
एकादशी व्रतं सुखप्रदं भवतु।
हरिः हरतु तव दुःखानि।
ॐ जनार्दनाय नमः।
सर्वपापहरा एकादशी।
विष्णु लोकं गच्छतु पुण्यवान्।
शुभं करोतु कल्याणम्।
विष्णुपादं सदा स्मरेत्।
एकादशी महोत्सवाः शुभाः।
नमो विश्वरूपाय।
हरिः कीर्तनं परानन्दः।
विष्णु भक्तानां जयः भवतु।
सदा विष्णुपरायणः भव।
ॐ श्रीवासुदेवाय नमः।
लक्ष्मीपतिः सदा रक्षतु।
पापविनाशाय हरिस्मरणम्।
चैत्र मासस्य एकादशी शुभा भवतु।
नारायणं नमस्कृत्य।
शॉर्ट संस्कृत शुभकामना संदेश (Sanskrit Greetings)
पापमोचिनी एकादशी शुभाशयाः! (पापमोचिनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं!)
श्रीहरिः तव कल्याणं करोतु। (भगवान विष्णु आपका कल्याण करें।)
विष्णु कृपा सदा तिष्ठतु। (भगवान विष्णु की कृपा आप पर सदा बनी रहे।)
सर्वपापप्रणाशिनी एकादशी भवतु। (यह एकादशी आपके सभी पापों का नाश करने वाली हो।)
भक्तवत्सलः भगवान् विष्णुः रक्षतु। (भक्तों से प्रेम करने वाले भगवान विष्णु आपकी रक्षा करें।)
पुण्यमयी एकादशी भवतु। (आपकी एकादशी पुण्यमयी हो।)
हरिः स्मरणं सुखदं भवतु। (हरि का स्मरण आपके लिए सुखद हो।)
ॐ श्री विष्णवे नमः। (भगवान विष्णु को नमस्कार।)
भवतः सर्वमनोरथाः सिद्ध्यन्तु। (आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों।)
शान्तिः पुष्टिः तुष्टिः च अस्तु। (आपको शांति, समृद्धि और संतोष प्राप्त हो।)
पापमोचनी शुभाशयाः।
श्रीहरिः तव मार्गदर्शकः भवतु।



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