Latest Updates
-
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
पितृपक्ष में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए? जान लें नियम वरना रूठ जाएंगे पितर
Pitru Paksha Food Rules: हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस काल में पितरों की आत्माएं धरती पर आती हैं और अपने वंशजों से तर्पण व आहार ग्रहण करती हैं। श्राद्ध में कई सारे नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान खानपान से लेकर पूजा-पाठ तक कई सारे नियमों का पालन करना जरूरी होता है। यही कारण है कि इस समय सात्विकता और शुद्ध आहार पर खास ध्यान दिया जाता है।
कहा जाता है कि पितृपक्ष में आहार संबंधी नियमों की अनदेखी करने से पितर नाराज हो सकते हैं और परिवार पर अशुभ असर पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप जान लें पितृपक्ष में क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
पितृपक्ष का महत्व
हिंदू धर्म में पितृपक्ष का समय पितरों को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान हमारे पूर्वज धरती पर आते हैं और श्राद्ध, तर्पण व पिंडदान से तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं। इसलिए इस समय सात्विक आहार और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। हिंदू धर्म में श्राद्ध का बहुत अधिक महत्व माना जाता है। लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए उनका पिंडदान किया जाता है और तर्पण किया जाता है। इस दौरान खानपान को लेकर कई सारे नियमों का पालन किया जाता है।

पितृपक्ष में क्या खाना चाहिए?
सात्विक भोजन - पितरों को प्रसन्न करने के लिए सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
फल और दूध - मौसमी फल, दूध और दही का सेवन शुभ माना जाता है।
खिचड़ी और दलिया - सादा और सुपाच्य भोजन पितरों को प्रिय माना जाता है।
गाय का घी - पूजा व प्रसाद में गाय का घी उपयोग करना शुभ फलदायी होता है।
ताजे अनाज और हरी सब्जियां - घर में बने ताजे, शुद्ध और हल्के भोजन को प्राथमिकता दें।
काला तिल और कुशा - तर्पण और भोजन में इनका विशेष महत्व है।
पितृपक्ष में क्या नहीं खाना चाहिए?
मांस, मछली और अंडा - यह तामसिक भोजन है और पितरों को अप्रसन्न करता है।
प्याज और लहसुन - श्राद्ध काल में इनका सेवन वर्जित है।
शराब और नशा - इस समय नशे का सेवन करना बड़ा दोष माना जाता है।
बासी या बासी से बनी चीजें - ताजे भोजन के बजाय बासी खाना अशुभ होता है।
मसालेदार और तैलीय भोजन - तीखे और गरिष्ठ भोजन से बचना चाहिए।
व्रत में अनाज का त्याग - पितरों के नाम से किए गए उपवास में केवल फलाहार ही करना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications