Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
Pitru Paksha 2023 Rules: पितृ पक्ष में ये गलतियां पितरों को कर सकती है नाराज और आपका हो सकता है सर्वनाश
Pitru Paksha Par Kya Na Kare: सितंबर माह के शुरुआत के साथ ही तीज त्योहारों का सिलसिला शुरू हो गया। महीने के आगाज में ही जन्माष्टमी और हरतालिका तीज जैसे त्योहारों की धूम रही।
मगर अब कुछ समय के लिए शुभ कार्यों पर विराम लगने वाला है। सितंबर के अंत में पितृ पक्ष लगने वाला है। इस बार पितृ पक्ष का आरंभ 29 सितंबर से होगा और इसका समापन 14 अक्टूबर को होगा।

15 दिनों की इस अवधि में पितरों का स्मरण किया जाता है। उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध किये जाते हैं। मृत पूर्वजों का आशीर्वाद पाने के लिहाज से पितृ पक्ष को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि इस अवधि में कई तरह के नियम कायदों का भी पालन करना पड़ता है।
आइये जानते हैं पितृ पक्ष में कौन से काम बिल्कुल भी नहीं करने चाहिए वरना पितरों का रोष झेलना पड़ सकता है। यदि भूल से कोई गलती आप कर देते हैं तो तुरंत उसके लिए क्षमा जरूर मांगे। हमारे पितर दूसरी दुनिया में जाकर भी हमारी रक्षा और खुशहाली का ख्याल रखते हैं।
शुभ कार्यों का आयोजन न करें
पितृ पक्ष में किसी भी तरह के शुभ कार्यों का आयोजन करने से बचें। इस अवधि में कोई नया कार्य भी शुरू न करें। इन 15 दिनों के दौरान घर परिवार में शादी-विवाह, मुंडन संस्कार, गृह प्रवेश आदि कार्य करने की मनाही है। ऐसा माना जाता है पितृ इससे नाराज हो जाते हैं और अशुभ फल मिलता है।
मांसाहार का सेवन न करें
जैसा अन्न वैसा मन इसलिए पितृ पक्ष में मांस, मछली, अंडा आदि के सेवन से परहेज करें। संभव हो तो लहसुन-प्याज का इस्तेमाल भी न करें। शराब और नशे की चीजों से दूरी बनाकर रखें। आप सात्विक भोजन खाएं।
इन चीजों से करें परहेज
तामसिक भोजन के साथ साथ पितृ पक्ष में चना, लौकी, सरसों का साग और खीरा खाने से भी मना किया जाता है। इनके सेवन से बचें वरना पाप का भागी बनना पड़ता है।
बाल-दाढ़ी न कटवाएं
पितृ पक्ष की अवधि में जो जातक पिंडदान, श्राद्ध व तर्पण करता है, उसे दाढ़ी, बाल तथा नाख़ून काटने से मना किया जाता है। माना जाता है इससे पितर नाराज होते हैं।
जीवों को न करें परेशान
ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान हमारे पितर पशु पक्षियों के रूप में धरती पर आते हैं और करीब से हमारा हालचाल जानते हैं। इस अवधि में हमें उनकी सेवा करनी चाहिए और उन्हें भोजन कराना चाहिए। किसी भी जीव-जंतु को परेशान करने से बचें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications