Swarved Mahamandir: 600 कारीगर, 19 साल का वक्त, 1000 करोड़ की लागत, जानें स्वर्वेद महामंदिर की खूबियां

World's Largest Meditation Center Swarved Mahamandir in Varanasi: अयोध्या में राम मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम से पहले ही एक बड़ी सौगात उत्तर प्रदेश को मिलने वाली है।

साल 2023 के खत्म होने से पहले देश को मुस्कुराने की एक बहुत ही शानदार वजह मिली है। दरअसल उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देश ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा मेडिटेशन सेंटर बनकर तैयार हो चुका है।

PM Modi Inaugurates World Largest Meditation Center Swarved Mahamandir Varanasi, Know Its Speciality

आज यानी 18 दिसंबर 2023 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के उमरहां में तैयार हुए इस सात मंजिला मेडिटेशन सेंटर 'स्वर्वेद महामंदिर' का लोकार्पण किया। आइये जानते हैं दुनिया के सबसे बड़े योग सेंटर स्वर्वेद महामंदिर की खूबियां क्या क्या हैं।

इसे बनाने में आया है 1 हजार करोड़ का खर्च

स्वर्वेद महामंदिर की नींव साल 2004 में रखी गयी थी। इसे बनने में 19 साल का वक्त लगा। सामने आ रही रिपोर्ट्स की मानें तो इसे बनाने में लगभग 1 हजार करोड़ की लागत आयी है। इस सेंटर में 7 फ्लोर है। इसकी विशालता का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसमें एक साथ 20 हजार लोग बैठकर योग साधना कर सकते हैं।

PM Modi Inaugurates World Largest Meditation Center Swarved Mahamandir Varanasi, Know Its Speciality

15 इंजीनियरों और 600 कारीगरों का योगदान

स्वर्वेद महामंदिर का एक खास कनेक्शन गुजरात से भी है। दरअसल गुजरात के उद्योगपति देवव्रत त्रिवेदी और चिराग भाई पटेल के सहयोग से दुनिया के सबसे बड़े योग सेंटर का निर्माण काशी में हुआ है। इसका निर्माण 15 इंजीनियरों की टीम की देखरेख में हुआ और इसके पीछे 600 कारीगरों की अथक मेहनत लगी है।

यहां योग साधना को दिया जाता है बढ़ावा

दुनिया को योग से रूबरू कराने वाले भारत ने एक बार फिर विश्व के सबसे बड़े योग सेंटर का निर्माण करके साबित कर दिया कि आखिर वो योग गुरु क्यों है। इस सेंटर में भगवान की नहीं बल्कि योग साधना को पूजा जाता है। यहां लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जाता है।

PM Modi Inaugurates World Largest Meditation Center Swarved Mahamandir Varanasi, Know Its Speciality

वाराणसी के स्वर्वेद महामंदिर की खूबसूरती है बेमिसाल

वाराणसी के इस महामंदिर के शीर्ष पर नौ अष्टकमल स्थापित हैं। इससे इस भवन की खूबसूरती देखने लायक बनती है। इसके चारों ओर 101 फव्वारे लगे हैं जिसमें मकराना और राजस्थान के पत्थर लगाए गए हैं। इसके अलावा मंदिर के निर्माण में पिंक सेंड स्टोन, संगमरमर और ग्रेनाइट का उपयोग हुआ है।

स्वर्वेद महामंदिर धाम के पांच फ्लोर तक दीवारों पर स्वर्वेद के चार हजार से ज्यादा दोहे बड़ी ही शानदार तरीके से अंकित किए गए हैं। मंदिर के बाहरी दीवारों पर भी कई प्रसंग उकेरे गए हैं। यहां संत सदाफल महाराज की 135 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की गयी है जिसका शिलान्यास पीएम मोदी ने किया।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Monday, December 18, 2023, 13:59 [IST]
Desktop Bottom Promotion