Latest Updates
-
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन'
20 या 21 अगस्त किस दिन रखा जाएगा प्रदोष व्रत? जानें पूजा विधि जिससे भोलेनाथ होंगे प्रसन्न
Pradosh Vrat 2025: सनातन धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जात है जिसे त्रयोदशी व्रत भी कहते हैं। कुछ लोग इसे प्रदोष व्रत तो कुछ लोग इसे त्रयोदशी व्रत भी कहते हैं, मगर कॉमन बात ये है कि दोनों ही व्रत में भगवान भोले बाबा की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भोलेनाथ का पूजन करने से सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और हर प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। सावन और भाद्रपद मास में तो इस व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है।
ऐसे में इस बार लोग उत्सुक हैं कि प्रदोष व्रत 20 अगस्त को रखा जाएगा या 21 अगस्त को? साथ ही इसकी पूजा विधि और महत्व के बारे में जानना भी जरूरी है।

प्रदोष व्रत कब है?
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 20 अगस्त (बुधवार) की रात से प्रारंभ होगी और 21 अगस्त (गुरुवार) की शाम तक रहेगी। दरअसल प्रदोष काल यानी सूर्यास्त से 2 घंटे 24 मिनट के बीच का समय पूजा का श्रेष्ठ समय माना जाता है। ऐसे में प्रदोष व्रत की पूजा साय काल में होती है ऐसे में 20 अगस्त को ही प्रदोष व्रत रखा जाएगा। जो लोग प्रदोष व्रत रखते हैं वो ये जान लें कि इस बार 20 अगस्त दिन बुधवार को ये व्रत रखा जाएगा।
प्रदोष व्रत की पूजा विधि
व्रत वाले दिन प्रातः स्नान कर संकल्प लें।
शाम को स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें।
शिवलिंग पर जल, दूध, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, भस्म और फल अर्पित करें।
दीपक जलाकर शिव मंत्र "ॐ नमः शिवाय" का जप करें।
अंत में प्रदोष व्रत की कथा सुनें और आरती करें।

प्रदोष व्रत का महत्व
इस व्रत से पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।
जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है।
शिवजी के साथ माता पार्वती भी प्रसन्न होती हैं और घर में शांति व सौभाग्य का वास होता है।



Click it and Unblock the Notifications











