Latest Updates
-
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी
घर में पितरों की फोटो लगानी चाहिए या नहीं, जानें प्रेमानंद जी महाराज के विचार
प्रेमानंद महाराज जी की सरल सहज तथा सुखद प्रवचन के धनी है। वर्तमान समय में महाराज जी की बातें सोशल मीडिया पर बहुत ट्रेंड में रहती है। महाराज जी की वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो जाती हैं। भारत ही नहीं अपितु विदेशों में भी इनके फॉलोवर्स हैं। सत्संग के दौरान महाराज जी बड़े-बड़े प्रश्नों का हल करते हैं।
कई बार ऐसा देखा गया है कि लोग पितरों की फोटो अपने निज निवास पर कहीं भी लगा देते हैं। साथ ही कई बार तो ऐसा भी देखा गया है कि घर के मंदिर में भी पितरों की फोटो भगवान के सिंहासन के बगल में रख दी जाती है। आइये जानते हैं कि पितरों की तस्वीरों को लेकर प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा।

घर में पूर्वजों की तस्वीर कहां लगानी चाहिए?
हाल ही में प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि पितरों की फोटो कहां लगानी चाहिए। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि मंदिर में फोटो लगानी चाहिए या नहीं। कुछ ही दिन पहले प्रेमानंद महाराज जी के आश्रम के प्रांगण में एक युवती ने सवाल पूछा कि हम अपने घर के मंदिर में माता-पिता की फोटो लगा कर राखी हैं। लेकिन कुछ लोगों की मान्यता है कि राधा रानी और कुंज बिहारी के साथ पितरों की फोटो नहीं लगानी चाहिए तो इस सवाल पर प्रेमानंद महाराज जी ने जवाब देते हुए कहते हैं कि अगर आपकी भावना यह है कि हमारे प्रभु ठाकुर जी के रहते कोई परेशानी नहीं है, ठाकुर जी का स्वरूप कैसा आपके अंदर के अंतरात्मा ने मान लिया, आप जिस मनोहर भाव से उन्हें देखो उनकी छवि वैसी ही आपको नजर आएगी।
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि आपके जीवन में अगर भगवत भाव है तो कोई परेशानी नहीं है। अगर नहीं है तो पितरों की फोटो रखने से भी मंगल नहीं होगा। हमारा मानव शरीर नाशवान है लेकिन परमात्मा का शरीर सच्चिदानंद है। यदि हम केवल भाव रखते हैं कि यह हमारे माता-पिता की तस्वीर भर है तो भगवान के सिंहासन के समक्ष पितरों का फोटो नहीं रखना चाहिए। महाराज जी कहते हैं कि अगर आपकी यह धारणा है कि माता-पिता के फोटो के अंदर साक्षात भगवान बैठा है तो वहीं भगवान का दर्शन साक्षात रूप में हो जाएगा फिर अलग से भगवान का फोटो विद्यमान करो या ना करो कोई फर्क नहीं पड़ता।
अगर आप सच्चे श्रद्धा के साथ अपने माता-पिता की फोटो लगाई है और आप यही मानते हैं कि मेरे भगवान यही लोग हैं तो सच्चे निष्ठा और शुद्ध मन के साथ उनकी सेवा करें आपको भगवत की प्राप्ति जरूर होगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications