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Kisi Ki Burai Karne Se Kya Hota Hai: क्या अनजाने में किसी की बुराई करने से भी पाप चढ़ता है?
Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद महाराज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनके एकांतिक वार्तालाप भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। प्रेमानंद महाराज जी के सत्संग का हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं जिसमें एक भक्त महाराज जी से सवाल पूछते हैं कि आपसी वार्तालाप करते हुए अनजाने में मुझसे किसी की निंदा हो जाती है तो मैं क्या करूं? किसी की निंदा करने के बारे में प्रेमानंद जी महाराज ने क्या जवाब दिया आइये जानते हैं।
क्यों नहीं करनी चाहिए किसी की भी बुराई?

प्रेमानंद महाराज जी ने बड़ी ही सरलतापूर्वक जवाब देते हुए कहा कि कभी भी किसी की बुराई या निंदा नहीं करनी चाहिए। इससे आप ही की विशेष तौर पर हानि होती है। महाराज जी कहते हैं कि शास्त्रों में लिखा है कि जिसकी निंदा आप करते हैं उसका समस्त पाप आपके ऊपर समा जाता है।
नर्क के खुल जाते हैं द्वार
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि जिस व्यक्ति की हम बुराई या निंदा कर रहे हैं उस व्यक्ति का पाप हमारे ऊपर आ जाता है। ऐसे में उसका पाप कर्म आपके ऊपर आ गए तो उसके समस्त पाप कर्मों के फल स्वरुप आपको ही नरक जाना पड़ सकता है। ऐसे में क्यों ही किसी की बुराई करें।
आपके किये हुए पुण्य हो जाते हैं नष्ट
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि एक तो हमारे जीवन में पुण्य कर्म करना बहुत ही मुश्किल एवं कठिन बात है। ऐसे स्थिति में जब हम किसी की बुराई करके पाप के भागीदार बन रहे हैं तो इसके कारण हमारे द्वारा कमाए गए थोड़े से पुण्य भी नष्ट हो जाते हैं। इस तरह की गलती लोगों को कदापि नहीं करनी चाहिए।
हमेशा दूसरों की बुराई करने से बचें
प्रेमानंद महाराज जी ने अपने भक्त के सवाल पर एक बहुत अच्छी पंक्ति से उनका जवाब दिया और कहा कि
भक्तनी निंद अति बुरी, भूलि करो जिन कोई।
किए सुकृत सब जन्म के, छीन में डारत कोई।।
अर्थात संपूर्ण जन्म के पुण्य नष्ट हो जाते हैं किसी की बुराई या निंदा करने से।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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