Latest Updates
-
कानपुर का लेदर है इटली तक मशहूर, कोई नहीं जानता 100 साल पुरानी सीक्रेट तकनीक -
कब मनाया जाएगा बंगाली नव वर्ष? जानें 'पोइला बैसाख' मुगल काल से क्या है कनेक्शन? -
Ambedkar Jayanti Quotes 2026: ‘नारी को शिक्षित करो' भीमराव अंबेडर जयंती पर शेयर करें उनके ये 20 विचार -
Baisakhi 2026 Wishes in Punjabi: बैसाखी पर भंगड़ा और गिद्दा के साथ अपनों को भेजें पंजाबी शुभकामनाएं -
सपने में शादी देखना क्या देता है संकेत? शुभ खबरी या किसी बदलाव का इशारा, जानें इसका मतलब -
बैसाखी पर गुड़ के टुकड़े का यह अचूक उपाय आपको बना सकता है मालामाल, जानें करने की सही विधि -
क्या होती है पार्किंसंस की बीमारी? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय -
क्यों मनाई जाती है बैसाखी? जानें खालसा पंथ के '5 प्यारों' की कहानी, जिन्होंने हिलाई मुगलों की नींव -
Varuthini Ekadashi Vrat Katha: वरुथिनी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा 10 हजार साल की तपस्या जितना फल -
Varuthini Ekadashi 2026 Wishes: श्रीहरि विष्णु है जिनका नाम...वरुथिनी एकादशी पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं
प्रसाद लेने के बाद आप तो नहीं करते ऐसी भूल, प्रेमानंद जी महाराज से जानें जब कोई प्रसाद दे तो क्या करना चाहिए
Koi Prasad De To Kya Karna Chahiye: वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज जी का हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वे सत्संग के दौरान बता रहे हैं कि जब कोई प्रसाद दे तो क्या करना चाहिए। आइए विस्तारपूर्वक जानते हैं कि क्या कहा प्रेमानंद महाराज जी ने:
क्या है प्रसाद का सिद्धांत (Prasad Lene Ke Baad Kya Karna Chahiye)
महाराज जी के मुताबिक जब कोई भी व्यक्ति आपको प्रसाद दे तो बिना देर किए भगवान का नाम लेकर उसे अपने मस्तक पर लगाना चाहिए। इसके पश्चात तुरंत ही ग्रहण करना चाहिए। यही प्रसाद का मूल सिद्धांत है।

ऐसी गलती भूल कर भी न करें -
प्रेमानंद महाराज जी के मुताबिक आपको प्रसाद लेकर उसे इधर-उधर कहीं भी कभी भी नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से प्रसाद का अपमान होता है। प्रसाद का अपमान करना पाप की श्रेणी में आता है। शास्त्रों में प्रसाद के अपमान को काफ़ी बुरा बताया गया है।
ऐसा भी कर सकते हैं -
महाराज जी कहते हैं कि अगर प्रसाद की मात्रा बहुत ही अधिक है और आपके पास समय भी नहीं है तो थोड़ा सा प्रसाद मुख में रख लीजिए। बाद में बचे हुए प्रसाद को सम्मानपूर्वक ग्रहण करना चाहिए।
कैसे होगी भगवत् प्राप्ति -
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं जो लोग प्रसाद का सम्मान करते हैं उसे अवश्य ही भगवत् की प्राप्ति होती है। किसी भी रूप में प्रसाद का अपमान बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। इस बात का आपको विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











