Latest Updates
-
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या है नियम -
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई
प्रसाद लेने के बाद आप तो नहीं करते ऐसी भूल, प्रेमानंद जी महाराज से जानें जब कोई प्रसाद दे तो क्या करना चाहिए
Koi Prasad De To Kya Karna Chahiye: वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज जी का हाल ही में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वे सत्संग के दौरान बता रहे हैं कि जब कोई प्रसाद दे तो क्या करना चाहिए। आइए विस्तारपूर्वक जानते हैं कि क्या कहा प्रेमानंद महाराज जी ने:
क्या है प्रसाद का सिद्धांत (Prasad Lene Ke Baad Kya Karna Chahiye)
महाराज जी के मुताबिक जब कोई भी व्यक्ति आपको प्रसाद दे तो बिना देर किए भगवान का नाम लेकर उसे अपने मस्तक पर लगाना चाहिए। इसके पश्चात तुरंत ही ग्रहण करना चाहिए। यही प्रसाद का मूल सिद्धांत है।

ऐसी गलती भूल कर भी न करें -
प्रेमानंद महाराज जी के मुताबिक आपको प्रसाद लेकर उसे इधर-उधर कहीं भी कभी भी नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से प्रसाद का अपमान होता है। प्रसाद का अपमान करना पाप की श्रेणी में आता है। शास्त्रों में प्रसाद के अपमान को काफ़ी बुरा बताया गया है।
ऐसा भी कर सकते हैं -
महाराज जी कहते हैं कि अगर प्रसाद की मात्रा बहुत ही अधिक है और आपके पास समय भी नहीं है तो थोड़ा सा प्रसाद मुख में रख लीजिए। बाद में बचे हुए प्रसाद को सम्मानपूर्वक ग्रहण करना चाहिए।
कैसे होगी भगवत् प्राप्ति -
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं जो लोग प्रसाद का सम्मान करते हैं उसे अवश्य ही भगवत् की प्राप्ति होती है। किसी भी रूप में प्रसाद का अपमान बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। इस बात का आपको विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
