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मृत्युभोज खाना चाहिए या नहीं? जानें इस पर क्या कहते हैं प्रेमानंद जी महाराज
Mrityubhoj Khana Chahiye Ya Nahi: हमारे समाज में व्यक्ति की मृत्यु के पश्चात उनके परिवार के सदस्यों द्वारा मृत्युभोज का आयोजन किया जाता है। मगर इसे लेकर लोगों में अलग अलग मत है। कुछ लोगों के मुताबिक, मृत्युभोज खाना व्यक्ति को पाप का भागिदार बना देता है। मृत्युभोज का आयोजन करने वाले परिवार पर अतिरिक्त भार पड़ता है। वहीं कई लोग इसे सालों से चली आ रही मान्यता के तहत सही करार देते हैं।
इस बीच मथुरा वृंदावन के संत श्री प्रेमानंद जी महाराज के भी इस बारे में कथन सामने आये हैं। प्रेमानंद महाराज जी की बातें बड़ी सुलभ और सहज होती हैं और इस वजह से वो काफी लोकप्रिय भी हैं। प्रेमानंद जी महाराज जीवन से जुड़ी सारी बातों का उल्लेख करते हैं। वह अपने ज्ञान से लोगों को अवगत कराते हैं। आइये जानते हैं मृत्यु भोज खाना चाहिए या नहीं, इस पर प्रेमानंद जी महाराज क्या कहते हैं।

मृत्युभोज खाना चाहिए या नहीं?
प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं। सोशल मिडिया पर भी उनकी लोकप्रियता तेजी से फैली है। वह भक्तों के सारे प्रश्नों का उत्तर सत्य और सटीक देते हैं। महाराज जी के प्रश्न उत्तर काल के दौरान एक व्यक्ति ने मृत्यु भोज को लेकर महाराज जी से सवाल किया कि साधक को मृत्यु भोज करना चाहिए या नहीं।
इसके बाद प्रेमानंद जी महाराज बड़ी ही मधुरतापूर्वक इस सवाल का जवाब दिया कि शास्त्रों में मृत्यु भोज को निषेध माना गया है। लेकिन कुछ स्थिति में मृत्यु भोज को ग्रहण कर सकते हैं। प्रेमानंद महाराज जी ने बताया कि इस माया रुपी संसार, व्यवहार में अनेकों लोगों की मृत्यु होती रहती है। ऐसी स्थिति में आप किसी प्रकार से बहाना करके मृत्यु भोज छोड़ सकते हैं।
यहां पर ध्यान देने वाले मुख्य बात यह है कि किसी घर, सगे संबंध या पास पड़ोस में किसी की मृत्यु हो गई है, तो वहां पर भोजन अवश्य ग्रहण कर सकते हैं। अगर इस स्थिति में 50 से 100 लोग शामिल हो रहे हैं तो आपको भी मृत्यु भोज में जाना ही पड़ेगा। ऐसे में आप मृत्यु भोज में शामिल हो सकते हैं।

प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि मृत्युभोज में कुछ मेवे आदि खा लें। जहां भी आप जा रहे हैं तो मृत्यु भोज में जैसा भी भोजन उपलब्ध हो, उसे भगवान का नाम लेकर प्रसाद समझकर ग्रहण कर लेना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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