Latest Updates
-
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम
क्या आप जानते हैं? पुरी मंदिर में नहीं उड़ती चील-कौए, जानिए इसके पीछे का रहस्य
Jagannath Puri Temple Mystery: 27 जून 2025 से पुरी में रथ यात्रा शुरू हो गई। इस दौरान लाखों भक्त इस रथ यात्रा में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से आए। पुरी (ओडिशा) स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर को न केवल इसकी धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, बल्कि इससे जुड़े रहस्यों और चमत्कारों के लिए भी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। पुरी के मंदिर से कई रहस्य जुड़े हुए हैं और इन्हीं रहस्यों में एक है कि पुरी मंदिर के ऊपर कभी कोई पक्षी नहीं उड़ता!
न चील, न कोए, न कोई पतंग, इस मंदिर के ऊपर आसमान बिल्कुल खाली रहता है। जेहन में ये जरूर आता है कि ऐसा क्यों है? क्या है इसके पीछे धार्मिक मान्यता या कोई वैज्ञानिक कारण? चलिए जानते हैं विस्तार से।

मंदिर के ऊपर पक्षी क्यों नहीं उड़ते?
पुरी के स्थानीय लोगों और पुजारियों के अनुसार, भगवान जगन्नाथ की दिव्यता इतनी प्रबल है कि उनके मंदिर के ऊपर कोई भी प्राणी उड़ नहीं पाता। यह मान्यता सदियों से चली आ रही है। जब आप मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं और ऊपर देखते हैं तो चौंक जाते हैं कि न एक भी पक्षी दिखता है और न ही कोई विमान उस दिशा में जाता है।

क्या है धार्मिक मान्यता?
इसके पीछे का धार्मिक रहस्य भी है। ऐसा माना जाता है कि पुरी मंदिर के ऊपर गरुड़ देव जो भगवान विष्णु के वाहन हैं सदा रक्षा करते हैं। गरुड़ की उपस्थिति से अन्य पक्षी उस क्षेत्र में प्रवेश नहीं करते। वहीं मान्यता ये भी है कि यह क्षेत्र देवताओं का क्षेत्र है, जहां मानव और पशु-पक्षियों की सामान्य गतिविधि संभव नहीं होती।
क्या कहता है वैज्ञानिक नजरिया?
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि मंदिर की ऊंचाई और आसपास की चुंबकीय गतिविधियों की वजह से पक्षी इस क्षेत्र से दूर रहते हैं।
मंदिर के ऊपर वायुरोधी निर्माण प्रणाली है जिससे हवा की दिशा ऊपर उठती है और पक्षियों के उड़ने के लिए अनुकूल नहीं रहती।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, वातावरण में बिजली के आवेश और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड इस क्षेत्र को पक्षियों के लिए असहज बनाते हैं।



Click it and Unblock the Notifications