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Putrda Ekadashi: संतान प्राप्ति के लिए कब और कैसे करें पुत्रदा एकादशी व्रत? जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
Putrda Ekadashi Vrat Date: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है, लेकिन पुत्रदा एकादशी उन विशेष व्रतों में से एक है जो विशेष रूप से संतान प्राप्ति और संतान सुख के लिए रखा जाता है। जो दंपत्ति संतान की इच्छा रखते हैं, उनके लिए यह दिन किसी आशीर्वाद से कम नहीं होता। यह व्रत साल में दो बार आता है एक बार पौष माह में और एक बार सावन माह में, लेकिन सावन में आने वाली पुत्रदा एकादशी पर शिवजी की विशेष कृपा मिलती है।
यह व्रत न केवल पुत्र रत्न की प्राप्ति में सहायक माना जाता है, बल्कि वैवाहिक जीवन में संतुलन और सुख-शांति भी प्रदान करता है। इसके अलावा संतान के उज्जवल भविष्य के लिए भी पुत्रदा एकादशी व्रत किया जाता है। आइए जानें इस बार पुत्रदा एकादशी कब है और इसका शुभ मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व भी जान लेते हैं।

कब है पुत्रदा एकादशी?
4 अगस्त और 5 अगस्त किस दिन पुत्रदा एकादशी व्रत पड़ रहा है इस बात को लेकर लोगों में कंफ्यूजन है। दरअसल इस साल 5 अगस्त 2025 दिन मंगलवार को पुत्रदा एकादशी व्रत पड़ रहा है। सावन में पड़ने वाली इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ भोले बाबा का भी आशीर्वाद मिलता है। बता दें कि पुत्रदा एकादशी 4 अगस्त को 11 बजकर 42 मिनट से शुरू होगी जो 5 अगस्त दोपहर 1 बजकर 12 मिनट कर रहेगी।
पुत्रदा एकादशी शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त - 12:06 PM - 12:58 PM
अमृत काल - None
ब्रह्म मुहूर्त - 04:27 AM - 05:15 AM
पुत्रदा एकादशी अशुभ काल
राहू - 3:47 PM - 5:25 PM
यम गण्ड - 9:18 AM - 10:55 AM
कुलिक - 12:32 PM - 2:10 PM
दुर्मुहूर्त - 08:39 AM - 09:31 AM, 11:26 PM - 12:11 AM
वर्ज्यम् - 07:54 PM - 09:36 PM

व्रत और पूजा विधि (Puja Vidhi)
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें
घर में पवित्र स्थान पर श्रीहरि विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
धूप, दीप, फल, पंचामृत, तुलसी पत्र और पीले फूलों से पूजन करें।
'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
पुत्रदा एकादशी व्रत कथा का श्रवण करें या पाठ करें।
रात्रि को जागरण करें और भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन करें।
अगले दिन द्वादशी को ब्राह्मण या गरीब को भोजन कराकर व्रत पारण करें।
पुत्रदा एकादशी का महत्व
पद्म पुराण और भविष्य पुराण में इस व्रत की महिमा बताई गई है। ऐसा माना जाता है कि जो श्रद्धापूर्वक पुत्रदा एकादशी का व्रत करता है, उसे संतान सुख अवश्य प्राप्त होता है। यह व्रत स्त्री और पुरुष दोनों के लिए फलदायक है।
व्रत रखने के नियम:
व्रत से एक दिन पहले सात्विक भोजन करें (एक समय)।
व्रत वाले दिन अनाज, मांस, शराब, लहसुन-प्याज आदि से परहेज़ करें।
झूठ बोलने और क्रोध करने से बचें।
मन, वचन और कर्म से पवित्र रहें।
संतान प्राप्ति के लिए सरल उपाय
व्रत के दिन श्रीहरि विष्णु को पीला वस्त्र अर्पित करें।
तुलसी पत्र के साथ श्रीविष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
108 बार विष्णु मंत्र का जाप करें।



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