Latest Updates
-
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट -
Restaurant Secret Amritsari Kulcha Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा कुलचा -
Father's Day 2026: पापा को स्पेशल फील कराने के लिए बेस्ट हैं ये शॉर्ट स्पीच और कविताएं, जो छू लेंगी दिल -
निर्जला एकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जान लें क्या कहते हैं शास्त्र और नियम -
इन 5 बीमारियों में भूलकर भी न खाएं काजू, स्वाद के चक्कर में बढ़ सकता है मर्ज -
UP Style Vegetable Pulao Tehri Recipe: घर पर बनाएं यूपी का मशहूर स्वाद -
Father's Day Sanskrit Wishes: पिता स्वर्गः पिता धर्मः, फादर्स डे पर संस्कृत संदेशों से जताएं प्यार और सम्मान
Arun Yogiraj: कौन है कर्नाटक के अरुण योगीराज, जिनकी बनाई राम लला की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के लिए चुनी गई
Arun Yogiraj Idol Selected for Ram Mandir: भव्य अयोध्या राम मंदिर का निर्माण अब अपने आखिरी चरणों में है और 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम होगा। मंदिर के लिए एक नहीं बल्कि तीन तीन मूर्तियों का निर्माण पूरा हुआ है। मैसूर के मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई रामलला की मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
रामलला की एक मूर्ति बेंगलूरू के मूर्तिकार गणेश भट्ट और एक मूर्ति राजस्थान के सत्यनारायण पांडे ने भी तैयार की। मंदिर के लिए तीनों मूर्तिकारों ने तीन मूर्तियां बनाई। श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के मुताबिक एक मूर्ति को प्राण प्रतिष्ठा के लिए फाइनल किया जा चुका है, वहीं अन्य दो मूर्तियों को भी मंदिर के अन्य हिस्सों में स्थापित किया जायेगा।

अरुण योगीराज की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के लिए चुन ली गयी है। यह मूर्ति 51 इंच लंबी है। इसे मंदिर के गर्भगृह में कमल के फूल वाले आसन पर विराजमान कराया जाएगा। कमल के फूल के साथ इस मूर्ति की कुल लंबाई 8 फीट की होगी। राम लला इसमें खड़े हुए अवस्था में नजर आएंगे।
इस मूर्ति की सबसे मुख्य बात यह है कि इसमें भगवान राम के बाल्य रूप को दिखाया गया है। इस मूर्ति के द्वारा उनके 5 साल के बालरूप के दर्शन होंगे। इस वजह से इसमें धनुष-बाण नहीं दिखाया जाएगा। इस मूर्ति के निर्माण के लिए कृष्ण शिला का उपयोग किया गया है जिसे कर्नाटक के उडुपी से लाया गया था। जानते हैं कौन है मूर्तिकार अरुण योगीराज जिनके द्वारा बनाई गई इस भव्य मूर्ति को अयोध्या राम मंदिर में स्थापित किया जायेगा -
कौन है अरुण योगीराज?
शिल्पकार अरुण देश के सबसे मशहूर और डिमांड में रहने वाले शिल्पी है। उन्होंने कम उम्र में ही मूर्तिकला शुरुआत कर दी थी। उनके पिता योगीराज और दादा बस्वन्ना भी शिल्पिकार थे। शिल्पिकार अरुण के पूर्वजों की पांच पीढियां इस कलात्मक पेशे से जुड़ी हुई है। अरुण योगीराज के पास एमबीए की डिग्री भी है, और उन्होंने कुछ वर्षों तक कॉर्पोरेट नौकरी भी की, लेकिन वे मूर्तिकला शिल्प की ओर वापिस आए और अपनी कला से नाम कमाया।
पहले भी कई मूर्तियों का कर चुके हैं निर्माण
अरुण गोपीराज ने देश की कई महत्वपूर्ण मूर्तियों का निर्माण किया है। इंडिया गेट के पीछे लगी सुभाष चन्द्र बोस की मूर्ति को भी अरुण ने ही बनाया है। इसके साथ ही केदारनाथ में लगी आदि शंकराचार्य की 12 फीट की मूर्ति भी अरुण योगीराज द्वारा ही बनाई गई। प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनके काम की प्रशंसा की है। इसके साथ ही उन्होंने मैसूर जिले के चुंचनकट्टे में 21 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा, संविधान निर्माता डॉ. बीआर आंबेडकर की 15 फीट ऊंची प्रतिमा, मैसूर में स्वामी रामकृष्ण परमहंस की सफेद अमृतशिला प्रतिमा, नंदी की छह फीट ऊंची अखंड प्रतिमा, बनशंकरी देवी की 6 फीट ऊंची मूर्ति, मैसूर के राजा की 14.5 फीट ऊंची सफेद अमृतशिला प्रतिमा समेत कई महत्वपूर्ण मूर्तियों का शिल्प किया है।
रामलला की प्रतिमा रही ख़ास
अयोध्या के राम मंदिर के लिए राम लला की मूर्ति का निर्माण उन्होंने पूरी श्रद्धा से किया है। उनकी मां कहती हैं कि बेटे को इस ख़ास मूर्ति पर काम करते हुए उन्होंने नहीं देखा ना ही फाइनल मूर्ति को, वे बताती हैं कि वे प्राण प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या राम मंदिर जायेंगी। वे अपने बेटे की सफलता को देखकर बहुत प्रसन्न है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications