Latest Updates
-
Women's Day Wishes for Wife: इन प्यार भरे संदेशों के साथ अपनी जीवनसंगिनी को दें महिला दिवस की मुबारकबाद -
Eid Kab Hai 2026: भारत में किस दिन दिखेगा ईद का चांद? नोट कर लें ईद-उल-फितर की तारीख -
T20 World Cup 2026: क्या टीम इंडिया फिर रचेगी इतिहास? जानें क्या कहती है डॉ. वाई राखी की भविष्यवाणी -
क्या आप भी हैं 'सुपरवुमन सिंड्रोम' की शिकार? जानें इसका सच और बचने के तरीके -
Women’s Day Wishes For Girlfriend: नारी है शक्ति...इन संदेशों से अपनी गर्लफ्रेंड को दें महिला दिवस की शुभकामना -
Women's Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं फॉलो करें ये हेल्थ टिप्स, कई बीमारियों से होगा बचाव -
Rang Panchami 2026: रंग पंचमी पर कर लिए ये अचूक उपाय तो चमक जाएगी किस्मत, वैवाहिक जीवन रहेगा खुशहाल -
8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और इस साल की थीम -
Rang Panchami 2026: कब है रंग पंचमी? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व -
पेट के कैंसर के शुरुआती स्टेज में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, ज्यादातर लोग साधारण समझकर करते हैं इग्नोर
Ramadan 2023: शुरू हुआ रमजान का पाक महीना, रोजेदार नोट कर लें इफ्तार और सेहरी का समय
इस्लाम का सबसे पाक़ महीना रमज़ान का शुरू हो चुका है। इस्लामिक कैलेंडर के इस नौंवें महीने में इस्लाम के अनुयायी 29-30 दिनों तक रोज़े रखते हैं।
इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक 'उपवास' यानी 'रोजे' को माना जाता है। चांद के दिखने के अनुसार ही रमज़ान की शुरुआत और समापन की तारीखें तय होती हैं।

24 मार्च से पहले रोज़ा रखा जाएगा और अगले एक महीने तक रोज़ों का दौर चलेगा। इसके बाद रमज़ान का अंत ईद के त्योहार के साथ होगा।
जानते हैं रोज़े के कुछ खास नियम और सभी तारीखों के सेहरी और इफ्तार का समय।

कैसे रखें जाते हैं रोज़े
रमज़ान के महीने में रोज़ों की शुरुआत सुबह सूर्योदय से हो जाती है और सूर्य के अस्त होने तक व्यक्ति कठोर निर्जल उपवास में रहता है। सूर्योदय से पहले भोजन लेने को सहरी कहा जाता है, और सूर्य के अस्त होने के बाद शाम में खाने को इफ्तार कहा जाता है।
रोज़े में दिन की शुरुआत सुबह की नमाज़- फज्र से शुरू होती है, फिर जोहर, अस्र, मग़रिब और रात में ईशा की नमाज़ पढ़ी जाती है। रमज़ान के महीने में पांचों वक़्त की नमाज़ ज़रूरी होती है। फ़ज्र की अज़ान के साथ ही रोज़े की शुरुआत हो जाती है और मग़रिब की नमाज़ तक रोज़ा चलता है।

| तारीख़ | सहरी का समय | इफ्तार का समय |
| 24 मार्च 2023 | प्रातः 5:01 | सायं 06:37 |
| 25 मार्च 2023 | प्रातः 5:00 | सायं 06:38 |
| 26 मार्च 2023 | प्रातः 4:59 | सायं 06:38 |
| 27 मार्च 2023 | प्रातः 4:57 | सायं 06:39 |
| 28 मार्च 2023 | प्रातः 4:56 | सायं 06:39 |
| 29 मार्च 2023 | प्रातः 4:55 | सायं 06:40 |
| 30 मार्च 2023 | प्रातः 4:53 | सायं 06:40 |
| 31 मार्च 2023 | प्रातः 4:52 | सायं 06:41 |
| 01 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:51 | सायं 06:41 |
| 02 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:50 | सायं 06:42 |
| 03 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:48 | सायं 06:43 |
| 04 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:47 | सायं 06:43 |
| 05 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:46 | सायं 06:44 |
| 06 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:45 | सायं 06:44 |
| 07 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:43 | सायं 06:45 |
| 08 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:42 | सायं 06:45 |
| 09 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:41 | सायं 06:46 |
| 10 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:40 | सायं 06:46 |
| 11 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:38 | सायं 06:47 |
| 12 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:37 | सायं 06:48 |
| 13 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:36 | सायं 06:48 |
| 14 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:35 | सायं 06:49 |
| 15 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:33 | सायं 06:49 |
| 16 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:32 | सायं 06:50 |
| 17 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:31 | सायं 06:50 |
| 18 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:30 | सायं 06:51 |
| 19 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:28 | सायं 06:52 |
| 20 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:27 | सायं 06:52 |
| 21 अप्रैल 2023 | प्रातः 4:26 | सायं 06:53 |



Click it and Unblock the Notifications











