Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
Sawan Jal Date 2025: सावन में कब चढ़ेगा भोलेनाथ को जल? जानें तारीख, मुहूर्त और पूजा विधि
Sawan 2025 Mein Kab Chadega Jal: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पावन समय माना जाता है। इस पूरे महीने भक्तजन व्रत रखते हैं, जलाभिषेक करते हैं और भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। खासतौर पर सावन की शिवरात्रि का महत्व अत्यंत अधिक होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से शिव का अभिषेक करने से सभी पापों का नाश होता है और मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं।
सावन के महीने में शिवभक्त कांवड़ लाते हैं और शिवरात्रि वाले दिन जल चढ़ाते हैं। माना जाता है कि सावन में शिवरात्रि वाले दिन भोलेनाथ को जल चढ़ाने से मनोकामना पूरी होती है। आइए जान लेते हैं कि सावन का जल कब चढ़ेगा और शिवरात्रि की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।

कब चढ़ेगा सावन 2025 का जल जानें शुभ मुहूर्त?
11 जुलाई 2025 से सावन के पावन महीने की शुरुआत होने वाली है। इस महीने में भोले बाबा की पूजा-अर्चना की जाती है और शिवभक्त कांवड़ लाते हैं। कांवड़ यात्रा सावन में आने वाली शिवरात्रि पर शिवजी को जल चढ़ाने के बाद पूरी होती है। शिवभक्त हरिद्वार और गोमुख से गंगाजल भरकर लाते हैं।
इस साल शिवरात्रि 23 जुलाई 2025 को पड़ रही है और इसी दिन कांवड़ का जल चढ़ाया जाएगा। जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त 23 जुलाई को रात्रि 12:07 बजे से शुरू होगा और 12:48 बजे तक रहेगा। ये काल भगवान शिव का जलाभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा, 24 जुलाई 2025 को ब्रह्म मुहूर्त में भी जल चढ़ाना शुभ है, जो सुबह 4:15 बजे से 4:56 बजे तक रहेगा। इसके अलावा पूरे दिन भी आप जल चढ़ा सकते हैं।

सावन शिवरात्रि पूजा विधि
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
भगवान शिव का दूध, दही, शहद, घी, शक्कर से रुद्राभिषेक करें।
बेलपत्र, धतूरा, फल, फूल, मिठाई, और अन्य पूजा सामग्री चढ़ाएं।
धूप, दीप जलाएं और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
आरती करें और प्रसाद चढ़ाएं।
ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।

शिवरात्रि व्रत का महत्व
ऐसा माना जाता है कि सावन के महीने में शिवरात्रि व्रत करने से सभी की मनोकामना पूरी होती है। यह व्रत शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक होता है। व्रत रखने से विवाह संबंधित बाधाएं, कर्ज मुक्ति, संतान प्राप्ति, और मन की शांति जैसी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। विशेषकर कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए इस दिन व्रत करती हैं।



Click it and Unblock the Notifications











