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Sawan Shivratri 2025: 23 या 24 जुलाई, कब है सावन शिवरात्रि? कांवड़िएं नोट करें जल चढ़ाने का शुभ मुहूर्त
Sawan Shivratri 2025 Dates : सनातन धर्म में सावन शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। यह पर्व पूरी तरह से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। सावन शिवरात्रि के दिन भक्त श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान भोलेनाथ और जगद्जननी मां पार्वती की पूजा-अर्चना करते हैं।
इस दिन व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन में सुख, समृद्धि तथा शांति का वास होता है। आइए जानते हें कि इस साल कब मनाई जाएगी सावन शिवरात्रि?

सावन शिवरात्रि का धार्मिक महत्व
मान्यता है कि सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और मां पार्वती की विशेष पूजा करने से साधक की हर इच्छा पूरी होती है। यह पर्व सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन रात्रि के चारों प्रहरों में भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। खासकर निशीथ काल में किए गए जलाभिषेक और रुद्राभिषेक को अत्यंत फलदायी माना गया है।
कांवड़ यात्रा और गंगाजल का महत्व
सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। ये कांवड़िए गंगोत्री, हरिद्वार, ऋषिकेश, गौमुख जैसे पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर आते हैं और फिर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। विशेषकर सावन शिवरात्रि के दिन कांवड़ का जल चढ़ाना अत्यंत पुण्यदायी और कल्याणकारी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन भोलेनाथ पर गंगाजल अर्पित करने से भगवान प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
कब है सावन शिवरात्रि 2025?
इस वर्ष सावन शिवरात्रि 23 जुलाई 2025, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन देशभर के शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा। भक्तजन दिनभर व्रत रखकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
सावन शिवरात्रि 2025: जलाभिषेक एवं पूजा के शुभ मुहूर्त
हालांकि शिवलिंग पर दिनभर जल चढ़ाया जा सकता है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार चार प्रहरों में पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है। नीचे दिए गए हैं 23 और 24 जुलाई को होने वाली पूजा के विशेष मुहूर्त:
निशीथ काल मुहूर्त: रात 12:07 बजे से 12:48 बजे तक
रात्रि प्रथम प्रहर: शाम 7:17 बजे से रात 9:53 बजे तक
रात्रि द्वितीय प्रहर: रात 9:53 बजे से 12:28 बजे तक
रात्रि तृतीय प्रहर: रात 12:28 बजे से 24 जुलाई सुबह 3:03 बजे तक
रात्रि चतुर्थ प्रहर: 24 जुलाई को सुबह 3:03 बजे से 5:38 बजे तक
इन समयों पर भगवान शिव की पूजा, रुद्राभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शहद, पंचामृत आदि से अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना गया है।
कांवड़ का जल चढ़ाने का शुभ मुर्हूत
सावन माह में हर सोमवार को भी शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाना पुण्यदायक होता है। इस वर्ष सावन के सोमवार की तिथियां इस प्रकार हैं:
- दूसरा सोमवार: 21 जुलाई 2025
- तीसरा सोमवार: 28 जुलाई 2025
- चौथा सोमवार: 4 अगस्त 2025
इसके अतिरिक्त, सावन मास के प्रदोष व्रत पर भी कांवड़ का जल अर्पित किया जा सकता है। इस वर्ष सावन का प्रदोष व्रत 22 जुलाई 2025 को रखा जाएगा। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा विशेष फलदायी होती है और इस दिन जलाभिषेक करने से पापों का नाश होता है।



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