Sawan Somvar Niyam: पाना चाहते हैं सावन सोमवार व्रत का पूरा फल, तो करें इन 5 नियमों का पालन

Sawan Somvar Vrat Ke Niyam: भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास शुरू हो चुका है। साल 2023 में अधिकमास होने का कारण इस बार सावन दो महीनों का है।

सावन के सभी दिन भगवान शिव को समर्पित हैं। ये पूरा महीना ही शिव शम्भु की आराधना करने के लिए उत्तम है। मगर सावन माह के सोमवार के दिन की विशेष महत्ता मानी गयी है।

Sawan Somwar Vrat Niyam: Never Do These Five Mistakes on Sawan Monday Fast

सावन माह के सोमवार को श्रद्धालु व्रत करते हैं, मंदिर जाकर भगवान महेश के दर्शन करते हैं, शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि जो जातक श्रद्धापूर्वक सावन सोमवार के व्रत करता है, उस पर महादेव की ख़ास कृपा बरसती है। मगर सावन सोमवार का व्रत करने वाले जातकों को कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है ताकि उन्हें व्रत का पूर्ण फल प्राप्त हो सके।

सावन 2023 के सोमवार

पहला सोमवार - 10 जुलाई
दूसरा सोमवार - 17 जुलाई
तीसरा सोमवार - 24 जुलाई
चौथा सोमवार - 31 जुलाई
पांचवा सोमवार - 07 अगस्त
छठा सोमवार - 14 अगस्त
सातवां सोमवार - 21 अगस्त
आठवां सोमवार - 28 अगस्त

सावन सोमवार व्रत में क्या नहीं करना चाहिए?

Sawan Somwar Vrat Niyam: Never Do These Five Mistakes on Sawan Monday Fast

नमक के सेवन से बचें

सावन सोमवार का व्रत करने वाले जातकों को फलाहार करना चाहिए और नमक के सेवन से बचना चाहिए। यदि स्वास्थ्य कारणों से यह जरूरी हो तो आप सेंधा नमक का इस्तेमाल ही करें।

तामसिक चीजों का परहेज करें

सावन सोमवार के दिन जातक को तामसिक चीजों से दूरी बनाकर रखने की सलाह दी जाती है। व्यक्ति को मांस, मछली, अंडा, लहसुन, प्याज, बैंगन, मैदा, आटा, बेसन, सत्तू आदि से बनी चीजें नहीं खानी चाहिए। शराब, धूम्रपान और किसी भी तरह के नशे से दूर रहें।

दूध का सेवन न करें

कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। इस वजह से सावन सोमवार का व्रत करने वाले भक्तों को दूध के सेवन से बचना चाहिए।

शिव पूजा में न करें इन वस्तुओं का इस्तेमाल
भगवान शिव की पूजा में कुछ वस्तुओं के इस्तेमाल की सख्त मनाही है। आप भूल से भी उनका प्रयोग न करें। आपको बता दें की शिव पूजन में हल्दी, शंख, तुलसी के पत्ते, सिंदूर, नारियल आदि वस्तिओं को वर्जित माना गया है।

मन में न लाएं दुर्भाव

भगवान भोलेनाथ की आराधना करने वाले व्यक्ति को मन में शीतलता बनाये रखनी चाहिए। व्यक्ति को क्रोध, काम, द्वेष, लालच जैसी भावनाएं मन में नहीं लानी चाहिए। कोई भी व्रत तभी सफल होता है और पूर्ण फल मिलता है जब उसका पालन सच्चे मन, अच्छी नियत और पवित्रता के साथ पूरा किया जाये।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Monday, July 10, 2023, 8:00 [IST]
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