Latest Updates
-
Restaurant Style Mushroom Masala Recipe: घर पर पाएं होटल जैसा क्रीमी और मसालेदार स्वाद -
Aamir Khan Third Marriage: कौन हैं गौरी स्प्रैट? जिनके साथ तीसरा निकाह करने जा रहे आमिर खान, डेट हुई रिवील! -
गाजर के अर्क से बना नकली देसी घी लैब टेस्ट में पास, जानें ये सेहत के लिए कितना खतरनाक? -
Jodhpur Spicy Snack Mirchi Bada Recipe: घर पर बनाएं जोधपुर का मशहूर चटपटा मिर्ची बड़ा -
मालवीय नगर अग्निकांड में 21 की मौत, क्या सच हुई 2026 को लेकर बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
कौन है ढोंगी इंजीनियर बाबा? जो गंधर्व विवाह की आड़ में लड़कियों संग करता था घिनौना काम -
भारत के पास है कितना सोना? दुनिया के सबसे बड़े Gold Reserve वाले टॉप-10 देशों की लिस्ट में नंबर 1 कौन? -
90% People Cook This Wrong Chole Bhature Recipe: अब घर पर पाएं बाजार जैसा स्वाद -
Khan Sir Family-Net Worth: कौन-कौन है खान सर के परिवार में? जानें कितनी संपत्ति के मालिक हैं आपके चहेते शिक्षक -
आज है विभुवन संकष्टी चतुर्थी; विघ्नहर्ता को प्रसन्न करने के लिए जरूर करें ये अचूक उपाय, दूर होंगे सभी संकट
Sharad Purnima Date 2023: इस साल शरद पूर्णिमा पर ग्रहण की काली छाया, नोट करें लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
Sharad Purnima Date 2023: हिन्दू धर्म में अमावस्या और पूर्णिमा की तिथियों का ख़ास महत्व होता है। धार्मिक दृष्टि से शरद पूर्णिमा विशेष होती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। इस वर्ष शरद पूर्णिमा 28 अक्टूबर को मनाई जायेगी।
मान्यता है कि इस मौके पर चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी रौशनी की किरणें अमृत वर्षा करती हैं। इस दिन चन्द्र देव की पूजा करना बेहद ही शुभ माना जाता है। जानते हैं इस वर्ष की शरद पूर्णिमा के बारे में विस्तार से -

शरद पूर्णिमा 2023 तिथि
आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 अक्टूबर को सुबह 04:17 बजे होगी और इसका समापन 29 अक्टूबर को भोर 01:53 तक होगा। यानि 28 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। ख़ास बात ध्यान में रखने कि यह है कि इस वर्ष पूर्णिमा के दिन साल का आखिरी चन्द्र ग्रहण भी लगने जा रहा है।
चंद्रोदय और लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त

शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय 28 तारीख को शाम 05:20 से हो जाएगा।
वहीं लक्ष्मी पूजा के 3 मुहूर्त बन रहे हैं। शुभ- उत्तम मुहूर्त - रात 08:51 से 10:28 बजे तक रहेगा।
दूसरा अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त रात 10:28 बजे से रात के 12:04 बजे तक रहेगा।
और वहीं तीसरा चर सामान्य मुहूर्त रात के 12:05 बजे से 29 की सुबह 01:41 बजे तक रहेगा।
शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होता है जिसके कारण आसमान से अमृत की वर्षा होती है। इस दिन खीर बनाकर उसे खुले आसमान के नीचे रखते हैं ताकि चंद्रमा की किरणों के साथ अमृत के गुण खीर में आ जाएं। इसके बाद इस खीर का सेवन किया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।
शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा और देवी लक्ष्मी की पूजा से घर में सुख समृद्धि बढ़ती है और। इसलिए इस दिन चंद्रदेव के साथ साथ मां लक्ष्मी का भी पूजन ज़रूर किया जाता है। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने शरद पूर्णिमा के दिन महारास रचाया था इसलिए इसे रास पूर्णिमा भी कहते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications