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Shardiya Navratri 2023: इन 5 चीजों के बिना अधूरी है नवरात्रि पूजा, मां दुर्गा की कृपा के लिए जरूरी हैं ये काम
Shardiya Navratri 2023: जिन त्योहारों का इंतज़ार पूरे साल रहता है, उनका आगमन हो चुका है। अक्टूबर और नवम्बर माह में हिन्दू धर्म के सभी ख़ास त्योहारों की झड़ी लग जाती है। इसकी शुरुआत शारदीय नवरात्रों से होगी फिर दशहरा, दिवाली, छठ जैसे पर्व आयेंगे।
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर से हो रही है। शारदीय नवरात्रों में नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग अलग रूपों की पूजा की जाती है। कई भक्त मां दुर्गा की अराधना में अखंड जोत जलाते हैं और इस अवधि में उपवास भी रखते हैं। नवरात्रि की पूजा के दौरान कुछ ख़ास बातों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए, जानते हैं आगे -

हवन
किसी भी पूजा या उपवास को तब तक पूर्ण नहीं माना जाता है जब तक हवन ना किया जाएँ। नवरात्रि की नौ दिनों की पूजा और व्रत का अंत हवन के साथ किया जाना चाहिए। नवमी के दिन मां दुर्गा के नाम का हवन करना चाहिए, इससे घर में सकारात्मकता और अच्छी ऊर्जा का प्रसार होता है।
घट स्थापना
नवरात्रि की पूजा में कलश की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कलश यानी घट स्थापना नवरात्रि के पहले दिन की जाती है। इसे देवी मां की शक्ति के प्रतीक के तौर पर स्थापित किया जाता है। कलश में गंगाजल डालकर उसे केले के पत्तों से ढके, और उसके ऊपर नारियल व फूल रखें। नारियल पर एक लाल वस्त्र या चुनरी को बांधें।

मां की आरती
नवरात्रि के हर दिन की शुरुआत मां की आरती से ही करें। इसके साथ ही उपवास रखने से पहले भी मां कीई आरती ज़रूर करें। मां दुर्गा की विधिवत पूजा और आरती करके नवरात्रि को सफ़ल बनाएं।
मां का शृंगार
मां दुर्गा की पूजा में उनका 16 श्रृंगार बहुत ज़रूरी होता है। मां के श्रृंगार में बिंदी, सिन्दूर, लाल चूड़ियाँ, मेहंदी, बाजूबंद, मांग टीका, काजल, नथ, झुमके, लाल चुनरी, कुमकुम, पायल, बिछिया, और मंगल सूत्र ज़रूर शामिल करें।
कन्या पूजन
नवरात्रि की पूजा कन्या पूजन के साथ समाप्त होती है। कन्याओं को देवी का रूप माना जाता है, इसलिए नवरात्रि के आखिरी दिन उनका पूजन और उनको खाना खिलाया जाता है। अष्टमी या नवमी के दिन छोटी कन्याओं का पूजन किया जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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