Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
November 2022 Vrat And Festivals : व्रत और त्योहार के लिहाज से खास है नवंबर का महीना, देखें सूची

नवंबर का महीना शुरू होने वाला है। ये महीना व्रत और त्योहार के लिए बहुत खास होने वाला है। इस महीने की खास बात ये है कि इसी महीने से शादी विवाह भी शुरू हो रहा है। इस महीने में तुलसी विवाह, हरिप्रवोधोत्सव समेत कई त्योहार हैं। ग्रह नक्षत्र के लिहाज से भी यह महीना सभी के लिए काफी अहम रहने वाला है। आइए जानते हैं नवंबर महीने में कौन से व्रत और त्योहार अहम है और क्यों?
नवंबर महीने में खास व्रत और त्योहारों की सूची
गोपाष्टमी - 1 नवंबर
अक्षय नवमी - 2 नवंबर
देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह - 4 नवंबर
वैकुण्ठ चतुर्दशी, विश्वेश्वर व्रत - 6 नवंबर
देव दिवाली - 7 नवंबर
कार्तिक स्नान समाप्त, सत्य व्रत, गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा - 8 नवंबर
सौभाग्य सुन्दरी व्रत - 11 नवंबर
संकष्टी चतुर्थी - 12 नवंबर
काल भैरवाष्टमी, वृच्छिक संक्रांति - 16 नवंबर
उत्पन्ना एकादशी - 20 नवंबर
विवाह पंचमी - 28 नवंबर
चम्पा षष्ठी - 29 नवंबर

गोपाष्टमी - 1 नवंबर
इस बार 1 नवंबर को गोपाष्टमी मनाई जाएगी। हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गाय की पूजा की जाती है। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से सप्तमी तक भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर गोकुल वासियों की रक्षा की थी। जिसके बाद आठवें दिन भगवान इंद्र ने श्री कृष्ण से माफी मांगी। तभी से इस दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष कीअष्टमी को गोपाष्टमी मनाई जाती है।
अक्षय नवमी - 2 नवंबर
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय कूष्माण्ड नवमी यानि अक्षय नवमी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु को आंवले का प्रसाद अर्पित किया जाता है। आंवले के वृक्ष की भी पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन दान देने का बहुत महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि से लेकर कार्तिक पूर्णिमा की तिथि तक आंवले के पेड़ में निवास करते हैं।
देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह - 4 नवंबर
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन तुलसी जी का शालिग्राम के साथ विवाह होता है। इसी दिन से हिंदू परिवारों में शादी विवाह शुरू होता है। और मांगलिक कार्यों की शुरुआत की जाती है।
वैकुण्ठ चतुर्दशी - 6 नवंबर
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है। इसे वैकुंठ चतुर्दशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद सबसे पहले भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। जिसके बाद भगवान शंकर की पूजा करनी जरूरी होती है।
कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती 8 नवंबर
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने का काफी महत्व है इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है। मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरा नाम के राक्षस का वध किया था। इसलिए इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहते हैं।



Click it and Unblock the Notifications
