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सोने के मुकट में दिए लालबाग के राजा ने पहले दर्शन, सेलेब्रिटीज़ आते हैं मत्था टेकने

हर साल भारत में गणेश चतुर्थी का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस बार गणेश उत्सव 13 सितंबर, गुरुवार को पड़ रहा है। मुंबई के मशहूर लालबाग के राजा (लाल बाग चा राजा) के दरबार में इस उत्सव की अलग ही धूम नज़र आती है। इस प्रसिद्ध गणपति को नवसाचा गणपति के रूप में भी जाना जाता है जो इच्छाओं की पूर्ति करता है।

गणेश चतुर्थी से पहले ही लालबाग के राजा से पर्दा हटाया गया और हज़ारों भक्तों को उनके दर्शन का मौका मिला। हर साल लाल बाग के राजा के यह सुंदर मुखदर्शन गणेश जन्मोत्सव के पूर्व कराए जाते हैं। लालबाग के राजा की मूर्ति बेहद भव्य और आकर्षक है जिसपर से भक्तों की नज़रें हट ही नहीं पा रही।
इस बार उनकी विशाल प्रतिमा को सोने का मुकुट पहना कर राजा की तरह बैठाया गया है। उनके अंगवस्त्र के लिए लाल रंग चुना गया है। एक तरफ उनके हाथ में चांदी की चमचमाती गदा है तो वहीं दूसरी तरफ सोने का खूबसूरत मुकुट उनके मस्तक की शोभा बढ़ा रहा है।

लाल बाग चा राजा मुंबई के लालबाग, परेल इलाके में स्थित है, जहां यह पंडाल 1934 से लगाया जा रहा है जिसमें विघ्नहर्ता की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाती है। दस दिनों तक चलने वाले समारोह में रोज़ाना लाखों भक्तों की भीड़ पहुंचती है जिसमें बॉलीवुड सितारों से लेकर नेता भी शरीक होते हैं। हर साल लालबाग के राजा के दर्शन के लिए कई किलोमीटर लंबी कतार लग जाती है।
लालबाग के गणेश मूर्ति का विसर्जन गिरगांव चौपाटी में अनंत चतुर्दशी के दिन किया जाता है और इसके साथ ही भक्त फिर से गणपति बप्पा के अगले बरस आने का इंतज़ार शुरू कर देते हैं।

गणपति की विशाल प्रतिमा के दर्शन के लिए इस बार दो तरह की पंक्तियां है - एक सामान्य और दूसरी 'नवस'। नवस लाइन उन लोगों के लिए है जो मूर्ति के बिल्कुल करीब जाकर उनके चरणों के पास पूजा अर्चना करना चाहते हैं। वहीं सामान्य पंक्ति में भक्त कुछ मीटर दूर से ही मूर्ति के दर्शन कर पाएंगे।



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