महिषासुर-वध के बाद मिला था मां को 'दुर्गा' नाम, आइए जानते है देवी से जुड़े ऐसे 10 रोचक तथ्‍य को

By: Arunima Mishra
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शाक्त परंपरा में माँ दुर्गा को सबसे सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यहां देवी का स्‍थान सवोच्‍च होता है। शाक्‍त सम्‍प्रदाय में देवी को शक्ति का रुप माना जाता है।

मां दुर्गा को ये नाम उनको यह नाम राक्षस महिषासुर को मारने के बाद मिला था। आइये जानते हैं इसी तरह की और कुछ रोचक बातें।

प्रजनन क्षमता और ताकत

प्रजनन क्षमता और ताकत

माँ दुर्गा को शक्ति का अवतार माना गया है, उन्हें भौतिक दुनिया में प्रजनन क्षमता और ताकत का प्रतीक भी माना जाता है।

8 दिशाएं

8 दिशाएं

माँ दुर्गा के 8 हाथ हैं जिन्हें हिंदू धर्म में 8 दिशाओं प्रतीक माना जाता है। इसका यह अर्थ है कि माँ आठों दिशाओं से अपने भक्तों की रक्षा करती है।

शक्ति रुप

शक्ति रुप

माँ दुर्गा को 'शक्ति' के रूप में पूजा जाता है। इन्हें दिव्य ऊर्जा भी कहा जाता है क्योंकि इसमें ब्रह्मांड को बचाने के लिए देवताओं की शक्ति भी है।

शेर की सवारी

शेर की सवारी

माँ दुर्गा की सवारी शेर है जिसे शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इससे यह भी पता चलता है कि उनके पास सबसे अधिक शक्ति है जिसे वे दुनिया की रक्षा करती हैं।

क्‍यों है हाथ में त्रिशूल

क्‍यों है हाथ में त्रिशूल

उनके हाथ में त्रिशूल तीन गुणों का प्रतीक है पहला सतवा (मन की स्थिरता), दूसरा राजस(महत्वाकांक्षा ) और तीसरी तमों (आलस और तनाव)। माँ दुर्गा इन तीनों ऊर्जाओं को संतुलित करती हैं।

शिव अर्धांग्नी

शिव अर्धांग्नी

माँ दुर्गा को शिव की अर्धांग्नी माना गया है। शिव रूप हैं तो वे अनुसरण हैं। शिव ब्रह्मांड के पिता है और वे माता है।

त्र्यम्बके नाम

त्र्यम्बके नाम

माँ दुर्गा की तीसरी आंख की वजह से उनका नाम त्र्यम्बके पड़ा, जो अग्नि, सूर्य और चंद्र का प्रतीक है।

गरबा डांडिया

गरबा डांडिया

नवरात्री को पश्चिम में गरबा-डांडिया के रूप में मनाया जाता है, उत्तर में रामलीला और दक्षिण में गोलू या बोनलु के रूप में मनाया जाता है जबकि पूर्वी में यह दुर्गा पूजा के रूप में जाना जाता है।

महिषासुर का वधा किया था

महिषासुर का वधा किया था

माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया, भले ही उसने विभिन्न प्रकार की चालों से उन्हें अपने वश में करने की कोशिश की थी।

अकल-बोधन

अकल-बोधन

शुरुआती दौरान में दुर्गा पूजा को बसंत पूजा के रूप में मनाया जाता था। वहीँ शरद ऋतु में इसे अलग तरीके से मनाया जाता है और इसे अकल-बोधन' के नाम जाना जाता है।

English summary

महिषासुर-वध के बाद मिला था मां को 'दुर्गा' नाम, आइए जानते है देवी से जुड़े ऐसे 10 रोचक तथ्‍य को

She is represented as "shakti" or the female principle of divine energy, and is also the nurturer of fertility and strength in the material world.
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