अपने घर में गणेश जी की मूर्ति पवित्रता के साथ कैसे रखें

By Super

क्या आप जानते हैं कि घर के प्रवेश द्वार पर गणपति की मूर्तियों का जोड़ा रखना चाहिए? क्या आप जानते हैं कि आपको दाहिनी ओर की सूंड वाली गणेश जी की प्रतिमा नहीं रखनी चाहिए?

गणपति की मूर्ति को घर में रखने से पहले आपको कुछ बातें अवश्य जाननी चाहिए। यदि आप इन परंपराओं और रीति रिवाजों का पालन नहीं करेंगे तो शायद आप अपने घर में दुर्भाग्य को आमंत्रण देंगे।

दूसरी ओर यदि आप इन नियमों और परंपराओं का पालन करेंगे तो आपको इस विश्व की सारी अच्छी चीज़े मिलेंगी। अत: यहाँ कुछ नियम, परम्पराएं और रीतिरिवाज़ बताये गए हैं जिनका पालन आपको घर में गणेश जी की मूर्ति रखते समय करना चाहिए।

 How to Sacredly Keep Ganesh Idols in Your Home


गणेश जी की मूर्ति को घर में रखते समय इन नियमों का पालन करें

1. घर के प्रवेश द्वार के सामने: आप घर में कई तरीके से गणेश जी की मूर्ति रख सकते हैं। एक लोकप्रिय तरीका है कि आप घर के प्रवेश द्वार के बिलकुल सामने गणेश जी की मूर्ति रखें। ऐसा विश्वास है कि यह दृष्टि गणेश आपके घर में बुरी शक्तियों को प्रवेश करने से रोकता है तथा घर में समृद्धि लाता है। जब आप गणपति को इस प्रकार रखते हैं तो वे आपके घर के पालक बन जाते हैं।

क्‍यों करते है भगवान गणेश, चूहे की सवारी

2. जोडे़ में रखें: हालाँकि जब भी आप गणपति की मूर्ति को घर के प्रवेश द्वार पर रखते हैं तो इसे जोड़े में रखें। एक जिसका मुख प्रवेश द्वार की ओर हो तथा दूसरी जिसका मुंह विपरीत दिशा में हो। क्यों? क्योंकि यदि आप गणपति की किसी भी मूर्ति को इस प्रकार रखते हैं कि उसका पिछला भाग किसी कमरे की ओर हो तो इससे घर में दरिद्रता आती है। अत: इस क्षतिपूर्ति से बचने के लिए आपको विपरीत दिशा में एक अन्य मूर्ति रखनी चाहिए।

3. जब शो केस में रखना हो: अप मूर्तियों को शो केस में भी रख सकते हैं। इस स्थिति में यह आवश्यक है कि मूर्तियों के बीच कम से कम 1 इंच का अंतर रखा जाए।

4. ना रखें चमड़े की वस्‍तुएं: दूसरी बात यह है कि गणपति की मूर्ति के पास अन्य चीज़े कैसे रखी जाएँ। उदाहरण के लिए गणपति की मूर्ति के पास चमड़े से बना हुआ कोई सामान न रखें। आखिरकार चमड़ा मृत जानवरों के भाग से बना होता है। अत: चमड़े से बनी हुई वस्तुएं जैसे चमड़े का बेल्ट, जूते या बैग मूर्ति से दूर रखें।

5. सूंड का रखें ख्‍याल: इसके अलावा जब आप अपने घर के लिए गणपति की मूर्ति खरीदें तो एक महत्वपूर्ण बात याद रखना आवश्यक है - गणपति की सूंड दाहिनी ओर न हो। गणपति को चिंतामणि क्यों कहा जाता है

6. जब सूंड हो दाहिनी ओर: दाहिनी ओर की सूंड वाले गणपति की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है तथा इनके लिए विशिष्ट पूजा की आवश्यकता होती है। आप इन आवश्यकताओं की पूर्ति घर पर नहीं कर सकते और यही कारण है कि इस प्रकार की गणपति की मूर्ति केवल मंदिरों में ही मिलती है। अत: घर में बाईं ओर की सूंड वाले, सीधी सूंड वाले या हवा में सूंड वाले गणपति की मूर्ति ही रखें।

Story first published: Saturday, February 14, 2015, 10:01 [IST]
Desktop Bottom Promotion