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ऐसा माना जाता है कि सभी देवी-देवताओं में से भगवान शिव बहुत जल्दी अपने भक्तों की पुकार सुन लेते हैं। सच्चे मन से अनुयायी शिवलिंग पर सिर्फ जल चढ़ाकर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त कर लेता है। यही वजह है कि शिवजी को भोलेबाबा भी कहकर बुलाया जाता है। भगवान शंकर का की कृपा पाने के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बहुत खास माना गया है। पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि का उत्सव फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन शिव मंदिरों की रौनक देखने लायक होती है।

भोलेनाथ जितनी जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं, उतनी ही जल्दी उनका क्रोध भी बढ़ जाता है। इस वजह से शिव पूजा के दौरान कुछ बातों का खास ख्याल रखना जरूरी है। आपके द्वारा चढ़ाये गए फूल भी उनकी नाराजगी बढ़ा सकते हैं। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि शिवजी को कौन से फूल पसंद हैं और उन्हें कौन से फूल से क्रोध आ सकता है।

आंकड़े के फूल
माना जाता है कि लाल और सफेद आंकड़े के फूल भगवान शिव को अर्पित करने से लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है और साथ ही मोक्ष की प्राप्ति होती है।

अलसी के फूल
जो जातक महाशिवरात्रि की पूजा में अलसी के फूल शिवजी को अर्पित करता है, उसे भगवान विष्णु का भी आशीर्वाद मिल जाता है। जाने-अनजाने में किये पाप से भी मुक्ति मिलती है।

चमेली के फूल
यदि आप वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो इस महाशिवरात्रि पर चमेली के फूल भगवान शिव के चरणों पर चढ़ाएं। इस फूल को अर्पित करने वाले जातक को वाहन सुख की प्राप्ति होती है।

कनेर के फूल
महाशिवरात्रि के दिन महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कनेर के फूल चढ़ाएं। जीवन में धन से जुड़ी समस्या दूर होगी। आय के नए स्रोत आपको मिल सकेंगे।

बेला के फूल
यदि आप अविवाहित हैं और विवाह की इच्छापूर्ति चाहते हैं तो शिवजी को बेला के फूल चढ़ाएं। इससे आपको सुंदर व सुयोग्य पत्नी का आशीर्वाद मिलेगा।

जूही के फूल
शिव पूजा में जूही के फूल अर्पित करने से महादेव की विशेष कृपा होती है। घर में अन्न की कभी कमी नहीं होती है और दरिद्रता से बचाव होता है।

हरसिंगार के फूल
शिवजी की पूजा में हरसिंगार के फूल अर्पित करने से वो बहुत प्रसन्न होते हैं। जातक को सुख-संपत्ति की प्राप्ति होती है। घर में सकारात्मकता का वास होता है।

धतूरे के फूल
भोलेनाथ को भांग-धतूरे से बहुत लगाव है। महाशिवरात्रि के दिन यदि को जातक धतूरे के फूल चढ़ाता है तो उसे संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है। लाल डंठलवाला धतूरा पूजा में रखने से धन से जुड़ी मनोकामना पूर्ण होती है।

शमी और दूर्वा
शमी के पत्ते और दूर्वा से भी महादेव का पूजन किया जा सकता है। भगवान शिव का आशीष मिलता है। जीवन में कभी आर्थिक समस्या पैदा नहीं होती है। दूर्वा अर्पित करने से लंबी आयु का वरदान मिलता है।

केवड़ा के फूल से बचें
भगवान शिव की पूजा में भूल से भी केवड़ा के फूल को शामिल न करें। शिव पूजा में केवड़ा के फूल चढ़ाना पाप करने के समान है। इससे महादेव रुष्ट हो जाते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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