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नवरात्रि 2015: त्योहार से जुड़े कुछ मिथक एवं निर्देश
नवरात्रि, देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित, एक हिन्दू त्यौहार है। 2015 में नवरात्रों का शुभारंभ 13 अक्तूबर से है एवं 22 अक्तूबर को दशहरा के साथ इनकी समाप्ति है।
भारतवर्ष एवं नेपाल में नवरात्रि का खास महत्व है। नवरात्रि उत्सव होने के साथ-साथ व्रत और विभिन्न प्रकार पकवानों, नृत्य, एवं अराधना का भी त्यौहार है । इसके साथ अनेक मिथक और कुछ आवश्यक निर्देश भी जुड़े हैं।
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हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने अपनी पत्नी देवी दुर्गा को इस समय के दौरान नौ दिनों तक अपनी माता के पास रहने की अनुमति दी थी । इसलिए नवरात्रि नौ दिन मनाया जाता है; नव अर्थात नौ एवं रात्रि अर्थात रात ।
जहाँ लोग नवरात्रि के दौरान अनेक प्रकार के पकवान बनाते हैं वहीँ भक्तजन नौ दिनों में उपवास भी रखते हैं। नवरात्रि में कुछ एक रोजमर्रा के कार्यो को ना करने का विधान है। क्योंकि ऐसा माना जाता है इन निषिद्ध कार्यों को करने से अभिलाषी देवी दुर्गा के आशीर्वाद से वंचित रह जाएगा।

नवरात्रि के दौरान कुछ प्रतिबंधित काम:
1. किसी को भी नवरात्रि के समय अपने बाल एवं नाख़ून नहीं कटवाने चाहिए।
2. कपड़ों की सिलाई नहीं करनी चाहिए ।
3. शराब, मासाहारी भोजन सहित लहसुन एवं प्याज का सेवन भी वर्जित है।
4. त्यौहार के अंतिम दिन अर्थात दशहरा के दिन छात्रों को अध्ययन नहीं करना चाहिए ।
दूसरी और कुछ ऐसे कार्य भी है जिन्हें त्यौहार के दौरान एक श्रद्धालु के लिए आवश्यक माना गया है:- जैसे कि देवी दुर्गा को दूध एवं खाद्य-पदार्थों का भोग लगाना, प्रातः स्नान करना, देवी के मन्त्रों का उच्चारण इत्यादि ।
हिन्दू पौराणिक कथाओं के अनुसार एक समय देवी दुर्गा ने दानव महिषासुर के साथ युद्ध करके उसे पराजित किया था । इस प्रकार से यह त्यौहार, अपने भक्तों की रक्षा हेतु, देवी के प्रति अपनी श्रध्दा एवं भक्ति-भाव दिखाने के लिए मनाया जाता है।
ऐसी आस्था है की देवी दुर्गा जो कि शक्ति का स्वरुप हैं के नौ अलग-अलग रूप हैं और लक्ष्मी एवं सरस्वती भी उन में से एक है। नौ दिन तक चलने वाले इस त्यौहार में लक्ष्मी एवम सरस्वती की भी पूजा होती जो कि क्रमशः धन और ज्ञान का प्रतीक हैं ।
नवरात्रि का अंतिम दिन दशहरा कहलाता है। यह रावण के बड़े-बड़े पुतले जलाकर मनाया जाता है एवं भगवान राम की दैत्यराज पर विजय का सूचक है ।



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