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Nag Panchami: नजदीक है नाग पंचमी की तारीख, 108 साल बाद बन रहा है दुर्लभ संयोग
सावन का हर दिन विशेष है। इस माह में कई सारे तीज-त्योहार आते हैं। भगवान शिव के प्रिय इस महीने में नाग पंचमी का पर्व भी आता है जब उनके करीब माने जाने वाले नागों का पूजन किया जाता है। पंचांग के मुताबिक, नाग पंचमी का पर्व हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। साल 2021 में नाग पंचमी का त्योहार 13 अगस्त, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। जानते हैं इस बार नाग पंचमी पर 108 साल बाद बन रहे विशेष संयोग और शुभ मुहूर्त के बारे में।

नाग पंचमी की तिथि और शुभ मुहूर्त
साल 2021 में पंचमी तिथि 12 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 24 मिनट से शुरू हो जाएगा और 13 अगस्त को 01 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। मगर नाग पंचमी का पर्व उदया तिथि के मुताबिक 13 अगस्त को ही मनाया जाएगा।
इस दिन पूजा का शुभ समय सुबह 05 बजकर 49 मिनट से 08 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।

नाग पंचमी पर 108 साल बाद बन रहा है विशेष संयोग
ज्योतिष गणना की मानें तो 13 अगस्त 2021 को पड़ने वाली नाग पंचमी के पर्व पर इस बार उत्तरा योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही शिन नक्षत्र भी लग रहा है। ऐसी मान्यता है कि यह शिन नक्षत्र काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए विशेष फलदायी होता है।
धार्मिक मान्यता और लोगों की आस्था है कि शिन नक्षत्र में काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए होने वाली पूजा का प्रभावशाली फल मिलता है। ज्योतिष के जानकारों की मानें तो इस तरह का दुर्लभ और विशेष संयोग करीब 108 साल बाद बन रहा है।

काल सर्प दोष से मुक्ति
नाग पंचमी का दिन नाग देव का आशीर्वाद पाने और काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन नाग देव की विशेष पूजा की जाती है। उनके आशीर्वाद से सभी प्रकार के दुर्भाग्य से मुक्ति मिलती है। काल सर्प दोष के नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन जो जातक काल सर्प योग अनुष्ठान करता है उसे सांप के भय से छुटकारा मिलता है।

नाग पंचमी का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन कृष्ण भगवान ने कालिया नाग का मान मर्दन किया और उसे यमुना नदी छोड़कर समुद्र में जाने पर मजबूर कर दिया। इस घटना के बाद से ही नाग पंचमी का ये शुभ त्योहार मनाने की परंपरा शुरू हुई।
श्रावण मास में भगवान शिव का पूजन और रूद्राभिषेक करना शुभ माना गया है। वहीं नाग पंचमी के दिन नाग देव की पूजा भी फलदायी होती है। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा से केवल कालसर्प दोष ही दूर नहीं होता है बल्कि उनकी विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि में भी इजाफा होता है।
इस साल नाग पंचमी 13 अगस्त शुक्रवार को है।
पंचमी तिथि का प्रारंभ: 12 अगस्त 2021, गुरुवार को दोपहर 03 बजकर 24 मिनट से
पंचमी तिथि समापन: 13 अगस्त 2021, शुक्रवार को दोपहर 01 बजकर 42 मिनट तक
नाग पंचमी पूजा मुहूर्त: 13 अगस्त 2021 को सुबह 05 बजकर 49 मिनट से 08 बजकर 28 मिनट तक।



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