Latest Updates
-
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: रथ यात्रा पर शेयर करें भक्तिमय शुभकामना संदेश, मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद -
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण
परिवर्तिनी एकादशी के दिन नींद में भगवान विष्णु लेते हैं करवट, जानें इस साल का शुभ मुहूर्त और महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी का दिन परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी के दिन अगले चार महीने के लिए शयन मुद्रा में चले जाते हैं और देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं।

इस बीच माना जाता है कि परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु निद्रा अवस्था में ही करवट बदलते हैं। उनके स्थान में परिवर्तन होने की वजह से ही इस एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी का नाम दिया गया है। ऐसी मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी का व्रत करने से वाजपेय यज्ञ के समान फल मिलता है। इस साल परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 29 अगस्त शनिवार के दिन रखा जाएगा।

परिवर्तिनी एकादशी शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि आरंभ 28 अगस्त शुक्रवार की सुबह 08 बजकर 38 मिनट पर
एकादशी तिथि समाप्त 29 अगस्त शनिवार की सुबह 08 बजकर 17 मिनट पर
पारण का समय 30 अगस्त रविवार की सुबह 05 बजकर 58 मिनट से 08 बजकर 21 मिनट तक

परिवर्तिनी एकादशी पूजा विधि
इस दिन व्रती को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि करके साफ़ वस्त्र पहनने चाहिए। घर के पूजास्थल की साफ़ सफाई करें। अब गंगाजल डालकर उस स्थान को पवित्र कर लें। अब व्रती एक चौकी ले और उस पर पीले रंग का कपड़ा बिछा दें। इस पर भगवान लक्ष्मी नारायण की प्रतिमा विराजित करें। दीपक जला लें और प्रतिमा पर कुमकुम या चंदन का तिलक लगाएं। अब हाथ जोड़कर श्री हरि का ध्यान करें। भगवान विष्णु को तुलसी बेहद प्रिय है इसलिए प्रतिमा पर तुलसी के पत्ते और पीले फूल अर्पित करें। अब विष्णु चालीसा, विष्णु स्तोत्र और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। इस दिन भगवान विष्णु के मंत्रों या नाम का जाप करने से कृपा बनी रहती है। भगवान विष्णु जी की आरती करें। साथ ही पूजा में हुई किसी भी तरह की गलतियों के लिए उनसे क्षमा मांगें। आप प्रभु विष्णु को किसी पीले फल या मिठाई का भोग लगा सकते हैं।

परिवर्तिनी एकादशी का महत्व
हिंदू धर्म में परिवर्तिनी एकादशी के दिन को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु के स्मरण और पूजा से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु के पांचवे अवतार वामन रूप की पूजा होती है। पद्म पुराण में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण जी ने कहा है कि परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा करनी चाहिए क्योंकि भगवान इन चार महीनों में वामन रूप में ही पाताल में निवास करते हैं। इसी दिन वामन जयंती भी मनाई जाती है।



Click it and Unblock the Notifications