Latest Updates
-
Lock Upp 2 Winner: 'लॉक अप 2' की विनर बनीं श्रेया कालरा, जानें रोडीज से ट्रॉफी तक का सफर और कितनी है नेट वर्थ -
Gujarat Chandipura Virus: गुजरात में चांदीपुरा वायरस से 22 बच्चों की मौत, जानें इसके लक्षण और बचाव -
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूर नियम -
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
डायबिटीज होने से पहले शरीर में दिखने लगते हैं Pre-diabetes के ये लक्षण, अधिकतर लोग करते हैं इग्नोर -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय -
Sawan Mehendi Designs 2026: सावन में हाथों पर खूब जचेंगे ये 7 लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफ -
Mangla Gauri Vrat 2026: आज है सावन का पहला मंगला गौरी व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व -
बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश से हैं परेशान तो आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिलेगी तुरंत राहत
क्या है हनुमान जयंती का महत्व?
हनुमान जंयती को भगवान हनुमान के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। चैत्र मास के 15 वें दिन को भगवान हनुमान का जन्मदिवस होता है।
हनुमान जी की पूजा सभी हिंदुओं के द्वारा की जाती है और कई मंदिर भी हनुमान जी को समर्पित होते हैं। जिन मंदिरों में भगवान राम की पूजा होती है वहां भी हनुमान जी की पूजा की जाती है।
READ: जानिये भगवान हनुमान के जन्म का रहस्य
लोक पंरपराओं के अनुसार, हनुमान जी के पास कई असीम शक्तियां थी, जिनके कारण वह बुरी शक्तियों और आत्माओं को दूर भगा देते थे। उनके जन्मदिवस के अवसर पर भी नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियों से छुटकारा पाने के लिए पूजा की जाती है। आइए जानते हैं हनुमान जयंती के महत्व और किंवदंतियों के बारे में:

हनुमान जयंती के बारे में किंवदंती -
माना जाता है कि भगवान हनुमान ने एक बार माता सीता को सिंदुर लगाते हुए देखा। उन्होंने जिज्ञासवश माता सीता से पूछा कि वह यह लाल रंग का पाउडर अपने माथे पर क्यूं लगा रही है। इस पर माता सीता ने कहा कि ऐसा करने से भगवान राम की आयु बढ़ेगी। ऐसा सुनकर, भगवान हनुमान गए और उन्होंने अपने पूरे बदन पर सिंदुर का लेप कर लिया, ताकि भगवान राम की आयु दीर्घ हो जाएं। तब से लेकर आज तक, भगवान हनुमान की पूजा सामग्री में सिंदुर भी चढ़ाया जाता है।

हनुमान जयंती का महत्व -
माना जाता है कि भगवान हनुमान, भगवान शिव का रूप हैं। वो निष्ठा और भक्ति का अवतार हैं। उनकी ताकत अतुलनीय है और उन्हें महान बौद्धिक माना जाता है। इसलिए, लोग, उनके जन्मदिवस पर उपवास रखते हैं। हनुमान चालीसा का जाप करते हैं और प्रसाद बांटते हैं।

इस प्रकार, भगवान हनुमान के जन्म को हनुमान जयंती नाम दिया गया, इस दिन सभी श्रद्धालु, पूजा-पाठ करते हैं और शक्ति प्राप्त करने की उपासना करते हैं।



Click it and Unblock the Notifications