Latest Updates
-
विटामिन K की कमी हो सकती है शरीर के लिए घातक, जानें इसके लक्षण और फूड सोर्स -
Steel Vs Glass Container: स्टील या ग्लास कंटेनर, किसमें खाना स्टोर करना है ज्यादा सुरक्षित? जानें एक्सपर्ट से -
सावन में जन्मे बेटे को दें भगवान शिव से जुड़े ये यूनिक नाम, यहां देखें अर्थ सहित 100+ मॉर्डन नामों की लिस्ट -
Lock Upp 2 Winner: 'लॉक अप 2' की विनर बनीं श्रेया कालरा, जानें रोडीज से ट्रॉफी तक का सफर और कितनी है नेट वर्थ -
Gujarat Chandipura Virus: गुजरात में चांदीपुरा वायरस से 22 बच्चों की मौत, जानें इसके लक्षण और बचाव -
Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूर नियम -
कौन थे पद्मश्री डी.वाई. पाटिल? बिहार के पूर्व राज्यपाल और प्रसिद्ध शिक्षाविद का 90 वर्ष की उम्र में निधन -
डायबिटीज होने से पहले शरीर में दिखने लगते हैं Pre-diabetes के ये लक्षण, अधिकतर लोग करते हैं इग्नोर -
Viral Video: ऑटो में बैठी महिला के सामने अश्लील वीडियो देखता रहा Rapido ड्राइवर, वीडियो वायरल होते ही मचा बवाल -
डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय
छिपी हुई करुणा
Short Story
oi-Staff

उन्होंने कहा कि गुरु ने आपको हर बार शिष्य बनाने से मना कर दिया था फिर भी आप उनका जन्मदिन मना रहें हैं। उनका जन्मदिन तो उन शिष्यों को मानना चाहिए जिनको उन्होंने शिष्य के रूप में स्वीकार किया था।
गुरूजी हँसे और कहा, "मैं जश्न मना रहा हूँ क्योंकि उन्होंने मुझे मना कर दिया था। मैंने अब उनकी दया को समझा है। अगर वह मुझे स्वीकार करते को मैं केवल एक नकलची बन जाता। उन्होंने मुझे छोड़ दिया इसलिए मैंने अपने पैरों पर खड़ा होना शुरू किया।
धीरे-धीरे मेरी हताशा ने मुझे किसी गिरे हुए को उठाने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार उन्होंने मेरी मदद की। इसलिए वो मेरे गुरु हैं जिन्होंने वास्तव में मुझे अपनी अस्वीकृति में भी स्वीकार किया।
Comments
English summary
The Camouflaged Compassion | छिपी हुई करुणा
Story first published: Wednesday, September 5, 2012, 16:53 [IST]
Other articles published on Sep 5, 2012



Click it and Unblock the Notifications