Latest Updates
-
सुबह खाली पेट जौ का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 समस्याएं, जानें इसे बनाने का तरीका -
Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
फैटी लिवर में कौन सा योग करें? जानें लिवर को साफ और मजबूत रखने के लिए योगासन -
May 2026 Vrat Tyohar: वट सावित्री, शनि जयंती सहित मई माह में पड़ रहे हैं कई व्रत-त्योहार, देखें पूरी लिस्ट -
Swapna Shastra: सपने में मरे हुए व्यक्ति को देखने का क्या मतलब होता है? जानें ये शुभ होता है या अशुभ -
Bael Juice Benefits: गर्मियों में रोजाना पिएं एक गिलास बेल का जूस, सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे -
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट
अगर आपकी मनोकामना पूरी नहीं हो रही है, तो जाएं इन मंदिरों में, यहां से कोई नहीं लौटता खाली हाथ...
हमारा देश मंदिरों और पुरानी सभ्यताओं के कारण बहुत प्रसिद्ध है। हर जगह आपको किसी ना किसी चमत्कार की गाथा सुनने को मिल ही जाती है। आज हम आपको ऐसे मंदिरो के बारे में बताएंगे जहा आप जाते तो खाली हाथ हो पर वहां से अपनी झोली भरकर ही लौटते हैं। जी हां ये हैं ऐसे मंदिर जो मनोकामनाएं पूरी करने के लिए प्रसिद्ध हैं....

कसार देवी मंदिर
कसार देवी का ये मंदिर देवभूमि उत्तराखंड के अल्मोड़ा से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। लोगों का विश्वास है कि माता के इस दरबार में आनेवाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है.

जगन्नाथ मंदिर
उड़ीसा में स्थित इस मंदिर को हिंदुओं के मान्यतानुसार 7 मशहूर व पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है। भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का ये मंदिर समुंदर के किनारे स्थित है।

महाकाली शक्तिपीठ
गुजरात के वडोदरा से करीब 50 किलोमीटर दूर पावागढ़ पहाड़ियों की चोटी पर स्थित इस मंदिर में पहुंचने के लिए रोपवे से उतरने के बाद करीब 250 सीढ़ियां चढ़नी होती है. मान्यता है कि यहां आनेवाले भक्त माता के इस दरबार से खाली हाथ निराश होकर कभी नहीं लौटते क्योंकि माता उनकी हर मनोकामना पूर्ण करती हैं.

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर
राजस्थान के दौसा जिले में दो पहाड़ियों के बीच मेहंदीपुर नामक स्थान है जहां एक बड़े चट्टान पर अपने आप ही चमत्कारिक रुप से हनुमानजी की आकृति उभर आई थी। जिसे भक्त बालाजी महाराज के रुप से जानते हैं।

हिंगलाज माता मंदिर
माता पार्वती का ये प्राचीन मंदिर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के बलुचिस्तान में हिंगोल नदी के किनारे पहाड़ी गुफा में माता पार्वती का अति प्राचीन हिंगलाज मंदिर स्थित है। ये मंदिर 51 शक्तिपीठ में से एक माना जात है। लोगों का मानना है कि यहां से कोई खाली हांथ नहीं जाता है।



Click it and Unblock the Notifications