Navratri 2026: क्या कॉफी पीने से टूट जाता है नवरात्रि का व्रत? जानें क्या कहते हैं धर्म और विज्ञान

Can We Drink Coffee In Navratri Fast: आज से यानी 19 मार्च 2026, दिन वीरवार से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गए हैं। श्रद्धा और भक्ति के इस महापर्व पर नौ दिनों तक शक्ति की उपासना की जाती है। इन पावन दिनों में खान-पान के नियम बहुत सख्त होते हैं, जहां अनाज, लहसुन और प्याज का त्याग कर 'फलाहार' को प्रधानता दी जाती है। लेकिन आधुनिक जीवनशैली में चाय और कॉफी के शौकीनों के मन में अक्सर एक दुविधा रहती है 'क्या नवरात्रि व्रत में कॉफी पीना सही है?'

अक्सर लोग कॉफी को 'बीन्स' यानी अनाज समझकर इसे व्रत में वर्जित मान लेते हैं, जबकि कुछ इसे नवरात्रि उपवास के दौरान ऊर्जा का प्रमुख स्रोत मानते हैं। क्या कॉफी पीने से आपका व्रत खंडित हो सकता है? या फिर इसे पीने का कोई खास तरीका है जो शास्त्र सम्मत है? आइए, धर्म और विज्ञान के तराजू पर तौलकर जानते हैं कि नवरात्रि उपवास में कॉफी का सेवन आपकी सेहत और साधना के लिए कैसा है।

कॉफी फल है या अनाज?

शास्त्रों के अनुसार व्रत में अनाज और दालें वर्जित हैं। लेकिन विज्ञान कहता है कि कॉफी का पौधा (Coffea plant) किसी अनाज का नहीं, बल्कि एक 'बेरी' (फल) का पौधा है। कॉफी के दाने असल में उस फल के बीज होते हैं। क्योंकि यह एक फल का हिस्सा है, इसलिए इसे फलाहार की श्रेणी में रखा जा सकता है और इसके सेवन से व्रत नहीं टूटता।

कैसे तैयार होती है कॉफी?

दिक्कत कॉफी बीन्स में नहीं, बल्कि उसे बनाने के तरीके में हो सकती है। व्रत में इंस्टेंट कॉफी पाउडर का उपयोग करते समय ध्यान दें कि उसमें कोई आर्टिफिशियल फ्लेवर या प्रिजर्वेटिव न हो। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बाहर मिलने वाली वेंडिंग मशीन कॉफी से बचें, क्योंकि उनमें अक्सर कॉर्न स्टार्च या अन्य अनाज के अंश मिले हो सकते हैं, जो आपकी शुद्धता को भंग कर सकते हैं। इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि कई कॉफी बीन्स नॉनवेज कैटेगिरी में आते हैं। ऐसे में कॉफी पीने से व्रत भी टूट सकता है।

क्या व्रत में कॉफी पी सकते हैं या नहीं?

आपने ये तो जान लिया की कॉफी एक फल है लेकिन इसे बनाने का तरीका बताता है कि व्रत में कॉफी पीना उसे खंडित कर सकता है। लेकिन धार्मिक मान्यता ये भी है कि कॉफी में कैफिन होता है जो नशे का एक रूप है। ऐसे में धार्मिक मान्यता ये है कि व्रत में कॉफी नहीं पीनी चाहिए। अब ये आप पर निर्भर करता है कि आप व्रत में कॉफी पीते हैं या नहीं।

विज्ञान का नजरिया खाली पेट कॉफी के प्रभाव

भले ही धार्मिक रूप से कॉफी की मनाही न हो, लेकिन शारीरिक स्वास्थ्य के लिए उपवास में कॉफी के सेवन से जुड़े कुछ कड़े वैज्ञानिक तथ्य हैं जो नीचे दिए गए हैं।

एसिडिटी की समस्या

व्रत के दौरान पेट अक्सर खाली होता है। ऐसे में कैफीन (Caffeine) का सेवन एसिड रिफ्लक्स को बढ़ावा दे सकता है, जिससे सीने में जलन और पेट में मरोड़ महसूस हो सकती है।

डिहाइड्रेशन (पानी की कमी)

कैफीन एक 'डिओरेटिक' है, जो बार-बार यूरिन आने की समस्या पैदा करता है। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जो व्रत के दौरान कमजोरी का कारण बनती है।

एनर्जी स्पाइक और क्रैश

कॉफी पीने से तुरंत ऊर्जा तो मिलती है, लेकिन कुछ ही घंटों बाद शरीर को थकान और सिरदर्द का अनुभव होने लगता है।

व्रत में कॉफी प्रेमियों के लिए जरूरी टिप्स (Fasting Tips)

ब्लैक कॉफी से बचें: खाली पेट ब्लैक कॉफी पीने के बजाय दूध वाली कॉफी पिएं, जो पेट की परत के लिए थोड़ी नरम होती है।

सीमित मात्रा: दिनभर में 1 या 2 कप से ज्यादा कॉफी न पिएं।

पानी का संतुलन: हर कप कॉफी के बाद कम से कम दो गिलास पानी जरूर पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

FAQs
क्या कॉफी की जगह चाय पीना ज्यादा बेहतर है?

चाय में कैफीन की मात्रा कॉफी से कम होती है, इसलिए यह पेट के लिए थोड़ी हल्की होती है। हालांकि, दोनों ही मामलों में सीमित मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

क्या व्रत में 'ब्लैक कॉफी' पीना सुरक्षित है?

धार्मिक रूप से यह सुरक्षित है, लेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से खाली पेट ब्लैक कॉफी पीने से एसिडिटी और घबराहट हो सकती है। व्रत में दूध वाली कॉफी का सेवन पेट के लिए बेहतर रहता है।

BoldSky Lifestyle

Story first published: Thursday, March 19, 2026, 14:29 [IST]
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