Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
क्या है वाचिक और मानसिक जाप, शास्त्रों में किसे माना गया है सर्वश्रेष्ठ

हिंदू धर्म में कोई भी शुभ काम बिना मंत्रोच्चारण के अधूरा ही रहता है। शादी-विवाह, कोई पूजा या कथा, गृह प्रेवश, नई चीज की शुरुआत हर काम के पहले होने वाली पूजा में या मन को शांत करने के लिए ईश्वर को याद करने के लिए मंत्रों का जाप जरूरी होता है। प्राचीन समय से ही ईश्वर को पाने के लिए ऋषि-मुनी भी मंत्रों का जाप करते आ रहे है। आज के समय में भी इन मंत्रों का बहुत महत्व है। आज के समय में भी ईश्वर को अपने पास महसूस करने और उन्हें पाने का रास्ता सिर्फ और सिर्फ मंत्रों को बताया गया है। पहले के समय में जहां लोग हर समय ईश्वर को पाने के लिए या अपपने पास महसूस करने के लिए मंत्रों का हर समय जाप करते थे, वहीं आज के समय में लोग मंत्रों का उच्चारण सिर्फ पूजा-पाठ के समय ही करते हैं। शास्त्रों के मुताबिक मंत्र कई तरह के होते हैं। जिनका जाप करने से लोगों के दूख दूर होते हैं, बीमार, चिंता से भी उन्हें मुक्ति मिलती है। शास्त्रों में कई तरह के मंत्रों के बारे में बताया गया है। लेकिन मंत्र जाप कितने तरह के होते हैं, और इन मंत्रों में सर्वश्रेष्ठ मंत्र कौन सा हैं, आइए जानते हैं।
शास्त्रों में मंत्र जाप तीन प्रकार के होते हैं
1. वाचिक जाप
वाणी द्वारा सस्वर मंत्र का उच्चारण करना वाचिक जप कहलाता है। वाचिक जाप का मतलब मंत्रों को उच्च सस्वर में पढ़ना है। आपके आस पास के लोग आप द्वार किये जा रहे इन मंत्रों के उच्चारण को आसानी से सुन सकते हैं। हवन, पूजा-पाठ में वाचिक जाप की किया जाता है।
2. मानसिक जाप
मानसिक जाप मन में करने वाले मंत्र जाप को कहते हैं। इसमें मंत्रों का उच्चारण करने वाला व्यक्ति बोलने के स्थान पर मन के अंदर ही मंत्रों का उच्चारण करता है। मानसिक जाप में मंत्रों को बोलने वाले साधक के होठ भी नहीं हिलते हैं। उसके आस-पास बैठे लोग भी नहीं जान पाते हैं कि सामने वाला व्यक्ति किसी तरह के मंत्रों का जाप कर रहा है। लेकिन इस तरह के मंत्रों का जाप ज्यादातर पद्मासन या सुखासन ध्यान मुद्रा में ही किया जाता है।
3. अपांशु जाप
अपांशु मंत्र जाप में आपकी जुबां और होठ हिलती हुए तो दिखते हैं, लेकिन मंत्रों का उच्चारण बाहर सुनाई नहीं देता है। यह मंत्र जाप मानसिक और वाचिक जाप का मिश्रण होता है।
सर्वश्रेष्ठ मंत्र जाप - मानसिक जाप
शास्त्रों के मुताबिक वाचिक, मानसिक और अपांशु जाप में मानसिक जाप को सबसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस मंत्र को उंगलियों के पोरवों या माला की मदद से किया जाता है। बीमारियों से बचने के लिए, पुत्र प्राप्ति के लिए, अपने करियर में कामयाबी पाने के लिए एक लाख मानसिक जाप किया जाता है। अपने मंत्रों का जाप पूरा होने के बाद ईश्वर का अभिषेक करने के बाद दान पुण्य भी करना चाहिए।
Disclaimer: The information is based on assumptions and information available on the internet and the accuracy or reliability is not guaranteed. Boldsky does not confirm any inputs or information related to the article and our only purpose is to deliver information. Kindly consult the concerned expert before practising or implementing any information and assumption.



Click it and Unblock the Notifications