Latest Updates
-
Benefits of Sattu: लू से लेकर कब्ज तक सत्तू है हर मर्ज का इलाज, जानें गर्मियों में इसे पीने के 5 जबरदस्त फायदे -
वैशाख अमावस्या को क्यों कहते हैं सतुवाई अमावस्या? जानें सत्तू और पितरों का वो रहस्य जो कम लोग जानते हैं -
Akshaya Tritiya पर नमक खरीदना क्यों माना जाता है शुभ? जानें मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सस्ता और अचूक उपाय -
World Hemophilia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हीमोफीलिया दिवस? जानें इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
Vaishakh Amavasya Wishes: वैशाख अमावस्या पर अपनों को भेजें ये संदेश, पितरों का मिलेगा साक्षात आशीर्वाद -
Vaishakh Amavasya Vrat Katha: वैशाख अमावस्या के दिन जरूर पढ़े ये व्रत कथा, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति -
Aaj Ka Rashifal 17 April 2026: वैशाख अमावस्या पर कर्क और तुला का चमकेगा भाग्य, जानें अपना राशिफल -
जुबिन नौटियाल ने उत्तराखंड में गुपचुप रचाई शादी, जानें कौन है सिंगर की दुल्हन -
Mango Varieties In India: तोतापुरी से लेकर बंगीनापल्ली तक, जानें भारत की प्रसिद्ध आम की किस्में और इनकी पहचान -
Heatwave Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, जानें भीषण गर्मी का सेहत पर असर और बचाव के टिप्स
Diwali 2022: दिवाली की रात क्यों लगाया जाता है दीए में बना काजल? जानें बनाने का तरीका

दिवाली खुशियों और रोशनी का उत्सव है। इस दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश के साथ मां सरस्वती की भी पूजा अर्चना की जाती है। लेकिन पूजा-पाठ के अलावा दिवाली के दिन और भी कई तरह के रीति-रिवाज होते हैं। कई लोग दिवाली के दिन पूजा के दौरान तेल का मिट्टी के दीए में दीपक जलाकर मिट्टी के दूसरे दीपक में काजल बनाते हैं। और रात को सोने से पहले घर के सभी सदस्यों को ये काजल लगाया जाता है। भारत में कई लोग सदियों से ये परंपरा निभाते चले आ रहे हैं। लेकिन दिवाली के दिन काजल क्यो लगाया जाता है, और काजल बनाने का तरीका क्या है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं।
दिवाली की रात क्यों लगाया जाता है काजल?
सदियों पुरान मान्यताओं के मुताबिक, काजल और काला टीका बुरी शक्तियों से हमारी रक्षा करता है। जिस कारण दिवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद काजल बनाया जाता है। रात को सोने से पहले आंखों में लगाया जाता है। ये काजल आंखों में लगाने के अलावा तिजोरी, चूल्हा, दरवाजों में भी लगाया जाता है। ये बूरी नजर से हमारी सुरक्षा करता है।

पौराणिक मान्यताओं के अलावा इसके वैज्ञानिक कारण भी है। दिवाली के दिन चारों और पटाखें फोड़े जाते हैं। जो हमारी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसा माना जाता है कि दिवाली के दिन पटाखों से निकलने वाले धुए से होने वाले प्रदूषण से बचने के लिए काजल काफी लाभकारी है। बाजार में मिलने वाले काजल में केमिकल होता है। ऐसे में घर में बना ये केमिकल फ्री काजल लगाना अच्छा होता है।
कैसे बनाएं दिवाली की रात काजल ?
दिवाली के दिन घर में काजल बनाना बहुत असान है। सबसे पहले सरसों का तेल, लंबी रूई की बत्ती, और दो बड़े दीए ले लें। एक दीपक में सरसों के तेल के साथ रुई की बाती डाल दें, और डला दें। अब जलती हुई लो के ऊपर दूसरा दीया रख दें, और ऐसे ही जलने दें। आपको ऊपर वाले दिए के ऊपर कालिख की एक परत नजर आएगी। इसे एक डिब्बी में निकालकर शुद्ध घी मिला लें। बल आपका काजल आंखों में लगाने के लिए तैयार है।
आंखों में काजल लगाने के फायदे
- काजल आंखों को ठंडा रखने में मदद करता है
- काजल आंखों के अंदर मौजूद कीचड़ को दूर करने में मदद करता है
- काजल का यूज आपकी आंखों को हेल्दी रखने में मदद करता है
- आंखों को स्वास्थ्य रखने में काजल काफी आसान और प्रभावी तरीका है
- काजल के यूज से आंखों की रोशनी को बढ़ने में मदद मिलती है
Disclaimer: The information is based on assumptions and information available on the internet and the accuracy or reliability is not guaranteed. Boldsky does not confirm any inputs or information related to the article and our only purpose is to deliver information. Boldsky does not believe in or endorse any superstitions.



Click it and Unblock the Notifications











