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श्रावण के महीने में हनुमान जी की करें पूजा, होगी हर मनोकामना पूरी
ऐसा कहा जाता है कि हनुमान जी, भगवान शिव का रुद्र अवतार हैं। मान्यता है कि भगवान शिव और भगवान विष्णु के बीच गहरा संबंध है। जब भगवान विष्णु ने धरती पर श्री राम के रूप में अवतार लिया तो भगवान शिव भी हनुमान जी के रूप में प्रकट हुए और देानों ने मिलकर धरती पर अधर्म को फैलने से रोका। हनुमान ने इतनी श्रद्धा से भगवान राम के आदेशों का पालन किया कि उन्हें अमर रहने का वरदान मिला। श्रीराम के आर्शीवाद से हनुमान जी अपने भक्तों की संकट के समय रक्षा करते हैं।
श्रावण के महीने में भगवान शिव की विशेष आराधना होती है लेकिन अगर आप सावन के मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें तो आपकी मनोकामना आसानी से पूर्ण हो सकती है। उनकी पूजा से कष्ट दूर होते हैं और हर तरह की बुरी नज़र जैसे काला जादू या भूत-प्रेत आदि दूर हो जाते हैं। हनुमान जी हमें जिंदगी में साहस और निडरता से जीना सिखाते हैं।

आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हें आप श्रावण के मंगलवार में कर सकते हैं। इन उपायों से भगवान शिव के साथ-साथ हनुमान जी भी आपके प्रसन्न हो जाएंगें।
पंचोपचार पूजन
मंगलवार के दिन शिव मंदिर जाएं और हनुमान जी की पंचोपचार पूजन करें। पंचोपचार पूजा पांच तरीकों से होती है। इस पूजा में सबसे पहले ईष्ट देवता को स्नान करवाया जाता है। चूंकि, हनुमान जी ब्रह्मचारी हैं इसलिए उन्हें स्नान पुजारी द्वारा ही करवाया जाना चाहिए। महिलाओं को हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए। स्नान के बाद मूर्ति का श्रृंगार करें। अब फूल अर्पित करें। धूप दें ताकि आसपास की सभी नकारात्मक ऊर्जाएं नष्ट हो जाएं। अब दीपक जलाएं और आरती करें। प्रसाद का भोग लगाएं।
बरगद के पत्ते का उपाय
इस महीने के किसी भी मंगलवार को एक बरगद के पेड़ का पत्ता तोडें और उसे पानी से साफ कर लें। अब इसे कुछ समय के लिए हनुमान जी के आगे रख दें। इसके बाद इस पत्ते पर केसर से श्री राम लिखें। इस पत्ते को अपने पर्स में रखें। इस उपाय के प्रभाव ये आपके पर्स में पैसों की कभी कोई कमी नहीं होगी। अगले साल फिर यही उपाय करें। नया पत्ता लें और उसे पानी से साफ कर उपाय करें।
मंदिर में राम रक्षा स्तोत्र
श्रावण के महीने में मंगलवार के दिन किसी हनुमान मंदिर जाएं और वहां बैठकर राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। अब गुड़ और भुने हुए चने हनुमान जी को अर्पित करें। अपने जीवन की समस्याओं और परेशानियों के निवारण हेतु प्रार्थना करें।
शिव चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ
श्रावण के महीने में किसी भी मंगलवार को ऐसे मंदिर जाएं जहां पर भगवान शिव के साथ-साथ हनुमान जी की भी मूर्ति स्थापित हो। ईष्ट देवता के आगे घी का दीया जलाएं। अपने साथ लाई गई चीज़ों को अर्पित करें और बैठकर हनुमान चालीसा एवं शिव चालीसा का पाठ करें। इस तरह आपको भगवान शिव के साथ-साथ उनके रुद्र अवतार हनुमान जी की भी कृपा मिलेगी।



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