Shravani Mela 2023: झारखंड के देवघर का श्रावणी मेला है विशेष, देश के इन हिस्सों में भी लगता है सावन का मेला

Shravani Mela 2023: भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी के दिन अगले चार महीनों के लिए क्षीर सागर में योग निद्रा अवस्था में चले जाते हैं। उनकी गैर मौजूदगी में भगवान शिव सृष्टि के रक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाते हैं।

इसकी शुरुआत हो जाती है सावन महीने के साथ। भगवान शिव का प्रिय महीना सावन शिव के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसा माना जाता है कि इस माह में की गयी पूजा का फल जली और बढ़कर मिलता है।

Shravani Mela Kanwar Yatra: List of Famous Sawan Mela

सावन के पावन महीने में शिव मंदिरों की रौनक देखने लायक होती है। इस पवित्र महीने में विशेष मेलों का आयोजन भी किया जाता है। सावन में लगने वाले इन मेलों को 'श्रावणी मेला' कहा जाता है। इन मेलों में भगवान शिव के भक्तों का हुजूम उमड़ता है। इसमें ज्यादातर कांवड़िये शामिल होते हैं जो कांवड़ में पवित्र गंगाजल लेने आते हैं। आइये देखते हैं श्रावणी मेला कब से शुरू हो रहा है और देश में कहां कहां श्रावणी मेले का आयोजन किया जाता है।

श्रावणी मेला 2023 कब शुरू होगा?

साल 2023 का सावन बहुत खास है। अधिकमास होने की वजह से इस बार सावन 59 दिनों का होगा। इस साल श्रावणी मेले का आगाज सावन माह के साथ ही शुरू हो जाता है। इस साल सावन 4 जुलाई से शुरू हो रहा है।
पहले चरण में श्रावणी मेला: 4 जुलाई से 17 जुलाई तक
दूसरे चरण में श्रावणी मेला: 17 अगस्त से 31 अगस्त तक

हरिद्वार का श्रावणी मेला

सावन के महीने में शिव भक्तों की सेना हरिद्वार पहुंचती है। यहां सावन में बहुत बड़े मेले का आयोजन होता है। सावन माह का शुभारंभ होने के साथ ही शिव भक्तों का यहां आना शुरू हो जाता है।

Shravani Mela Kanwar Yatra: List of Famous Sawan Mela

देवघर का श्रावणी मेला

देवघर में लगने वाला श्रावणी मेला देश और दुनिया में मशहूर है। यहां साल दर साल आने वाले शिवा भक्तों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। कांवड़ यात्रियों के लिए देवघर आना सपने के सच होने के समान होता है। कावड़ यात्री बिहार के सुल्तानगंज में गंगा नदी से जल लेकर देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ जी का जलाभिषेक करने का सौभाग्य पाते हैं। देवघर में लगने वाला श्रावणी मेला सबसे बड़े मेलों की फेहरिस्त में शामिल है।

काशी विश्वानथ में श्रावणी मेला

उत्तर प्रदेश के बनारस में भी सावन महीने में बहुत बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। यहां बहुत बड़ी संख्या में शिव भक्त और कांवड़िये बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने और आशीर्वाद पाने के लिए दूर-दराज के इलाकों से आते हैं।

लखीमपुर में सावन मेला

लखीमपुर-खीरी में स्थित गोला के गोकर्णनाथ को छोटी काशी के नाम से जाना जाता है। सावन के महीने में यहां की छटा निराली होती है। श्रावण मास में यहां कांवड़ियों और शिव साधकों की भीड़ पहुंचती है।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Monday, July 3, 2023, 11:19 [IST]
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