Latest Updates
-
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा -
मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय -
Dhaba Style Marinade Chicken Tikka Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्मोकी स्वाद -
प्रेग्नेंट हैं 39 साल की सामंथा रुथ प्रभु! करीबी शख्स ने किया कन्फर्म, जानें कब होगी डिलीवरी -
मलाइका अरोड़ा की फिटनेस का खुल गया राज, 52 की उम्र में यंग दिखने के लिए करती हैं ये 5 योगासन -
South Indian Style Tomato Rice Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा स्वाद -
Summer Solstice: 21 जून को क्यों होता है साल का सबसे बड़ा दिन? जानें क्या है इसके पीछे की असली वजह
दफन करने, अंतिम संस्कार और दाह संस्कार के बीच क्या अंतर होता है? क्या आप जानते हैं
Sanjay Kapoor Cremation Rituals: 12 जून 2025 को अहमदाबाद प्लेन क्रैश हुआ और उसी दिन बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के एक्स हस्बैंड संजय कपूर का भी निधन हो गया। उनकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक बताया गया जो मधुमक्खी के डंक मारने के बाद आया। आज पूरे 7 दिन बाद यानी 19 जून 2025 को संजय कपूर का अंतिम संस्कार शाम 5 बजे दिल्ली के लोधी रोड श्मशान घाट में किया जाएगा। संजय कपूर के पास अमेरिका की नागरिकता थी जिस वजह से उनके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में देरी हुई और इस वजह से अंतिम संस्कार में भी देरी हुई है।
इसी बीच कुछ लोगों के जेहन में ये भी सवाल आ रहा है कि करिश्मा के एक्स पति का अंतिम संस्कार होगा या उन्हें दफनाया जाएगा। इसी सवाल के बीच ये समझना भी जरूरी है कि दफनाने, अंतिम संस्कार करने और दाह संस्कार करने में क्या अंतर है? क्या आप इसका उत्तर जानते हैं अगर नहीं तो हम बता देते हैं।

तीनों में क्या अंतर है?
दफनाने, अंतिम संस्कार करने और दाह संस्कार करना तीनों में अंतर होता है। दरअसल दफनाना और दाह संस्कार शरीर के निपटान के दो अलग-अलग प्रकार होते हैं जो अलग-अलग धर्मों में किए जाते हैं। वहीं अंतिम संस्कार एक समारोह है जिसका उपयोग मृतक के जीवन का सम्मान और जश्न मनाने के लिए किया जाता है।
दफनाना से जुड़ी प्रथा
दफनाना एक ऐसी रस्म है जिसमें किसी प्रियजन के शव को उसकी पसंदीदा या प्रिय वस्तुओं के साथ जमीन के अंदर रखा जाता है। शव को एक ताबूत में रखा जा सकता है, जिसे जमीन के अंदर रखने से पहले सील कर दिया जाता है। मुख्यतौर पर क्रिश्चियन और मुस्लिम धर्म में दफनाने की रस्म है।

दाह संस्कार से जुड़ी प्रथा
अब बात कर लेते हैं दाह संस्कार से जुड़ी प्रथा के बारे में। ये प्रथा हिंदू समाज में निभाई जाती है जिसमें व्यक्ति के मर जाने के बाद पूरे रीति-रिवाजों के साथ शरीर को जलाया जाता है। इस प्रक्रिया को मृत शरीर के दहन, वाष्पीकरण और ऑक्सीकरण के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिससे गैस, राख और खनिज टुकड़े जैसे बुनियादी रासायनिक यौगिक बनते हैं। कुछ संस्कृतियां जैसे कि हिंदू, अपने मृतकों का दाह संस्कार करते हैं जिसके बाद राख को पवित्र गंगा नदी में विसर्जित कर दिया जाता है।

अंतिम संस्कार की प्रथा
अंत में बात कर लेते हैं अंतिम संस्कार से जुड़ी प्रथा के बारे में। अंतिम संस्कार एक ऐसा समारोह है जिसका उपयोग मृतकों को याद करने, सम्मान देने और पवित्र करने के लिए किया जाता है। संस्कृति के आधार पर, मृतक के जीवन का जश्न मनाने के लिए कई अलग-अलग तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कुछ लोग प्रार्थना करते हैं, जबकि अन्य शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। हर धर्म में अंतिम संस्कार की अलग-अलग विधि होती है।



Click it and Unblock the Notifications