Latest Updates
-
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके
Surya Grahan 2023: ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं न करें ये काम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अन्तरिक्ष सम्बन्धी गतिविधियों का सीधा प्रभाव मानव जाति पर पड़ता है। सूर्य ग्रहण या चन्द्र ग्रहण के समय कुछ चीज़ों का ख़ास ख्याल रखना चाहिए क्योंकि धार्मिक दृष्टि से यह समय बहुत सावधानी वाला होता है।
20 अप्रैल को इस साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है जो हाइब्रिड प्रकृति का होगा, ऐसा सूर्य ग्रहण 2013 के बाद अब लगेगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा पर इसके प्रभाव के कारण ग्रहण के नियमों का पालन करना ज़रूरी है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को इस सूर्य ग्रहण के नियमों का पालन करना बहुत ही आवश्यक है।

भारत में 2023 का पहला सूर्य ग्रहण ना दिखने के कारण सूतक काल भी नहीं लगेगा परन्तु गर्भवती महिलाओं पर इसका दुष्प्रभाव पड़ सकता है इसलिए कुछ सावधानियों को बरतना ज़रूरी है।
सूर्य ग्रहण 2023 का समय
इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल की सुबह 7:05 बजे शुरू होगा, खग्रास सुबह 8 बजकर 07 मिनट पर होगा और वहीं मध्यकाल सुबह 9 बजकर 45 मिनट तक होगा। सूर्य ग्रहण की समाप्ति दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर होगी। इस ग्रहण की कुल समयावधि 5 घंटे 22 मिनट होगी।
सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं इन बातों का रखे ख्याल
* गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दिन अपनी आंखों और त्वचा का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। इस दिन घर से बाहर ना ही निकलें और यदि निकलना भी पड़े तो आंखों पर चश्मा और शरीर को पूरी तरह से ढककर रखें। ग्रहण का हानिकारक प्रभाव आंखों और त्वचा पर पड़ सकता है।
* ग्रहण की छाया गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए अशुभ होती है। इस वजह से यह सलाह दी जाती है कि गर्भवती महिलाओं को इस दिन घर पर ही रहना चाहिए।
* ग्रहण की समाप्ति के बाद संभव हो तो गर्भवती महिला को स्नान करना चाहिए। इससे हानिकारक और नकारात्मक छाया और तरंगों से शरीर स्वच्छ होता है और उनका असर कम होता है।
* गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय सूर्यदेव की पूजा, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्याष्टक स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और ग्रहण का दोष दूर होता है।
* इसके साथ ही ग्रहण समाप्ति और स्नान के पश्चात गर्भवती महिलाओं को दान का कार्य ज़रूर करना चाहिए। दान के शुभ कार्य से ग्रहण का दुष्प्रभाव कम होता है।
सूर्य ग्रहण के बाद गर्भवती महिलाएं करें दान
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण से घबराने की नहीं बल्कि एहतियात बरतने की जरूरत है। जीवन में किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए सभी को धर्म-कर्म के कार्य करने चाहिए। सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद गर्भवती महिलाएं कुछ चीजों का दान करके ग्रहण के प्रभाव को कम कर सकती हैं। आप स्नान करके गेहूं अथवा गेहूं के आटे का दान करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
