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सूर्य ग्रहण के बाद ये है मंदिर साफ करने के नियम, शुद्धिकरण के लिए ये चार काम अवश्य करें
आज साल यानी 20 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण शुरु हो चुका है। यह ग्रहण सुबह 7:05 से शुरू होगा और दोपहर 12:29 पर समाप्त होगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा, लेकिन जो ग्रहण भारत में दिखाई देते हैं।
मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान जिस तरह की पाबंदियां लागू होती हैं, उसी तरह सूर्य ग्रहण खत्म हो जाने के बाद भी कई बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। सूर्य ग्रहण के बाद घर की शुद्धिकरण और मंदिर की सफाई जरुरी होती है। आइए जानते हैं इससे जुड़े जरुरी नियम।

गंगाजल का उपाय
ग्रहण का सूतक हटने के तुरंत बाद आपको मंदिर पर गंगाजल का छिड़काव करें। मंदिर को हाथ लगाने से पहले आप खुद पर गंगाजल का छिड़काव करें। हिंदू धर्म में गंगाजल को शुद्ध माना गया है और किसी भी ग्रहण का उसकी पवित्रता पर प्रभाव नहीं पड़ता है। ग्रहण हटने के बाद घर के हर कोने में गंगाजल का छिड़काव करने से आपको पूरे घर की सफाई नहीं करनी पड़ेगी।
मूर्तियों की सफाई
आपके घर के मंदिर में रखी हर मूर्ति और प्रतिमा की आपको सफाई करनी है। इसके लिए आप नींबू, दही और चंदन का प्रयोग करें। यदि आप मूर्तियों को वस्त्र आदि पहनाते हैं तो आपको उन्हें भी बदलना होगा। बहुत से घरों में सूतक लगने से पूर्व भगवान का श्रृंगार और कपड़े दोनों ही बदल दिए जाते हैं।
मंदिर के बर्तनों की सफाई
सूतक लगते ही आपको मंदिर को कपड़े से ढ़क देना चाहिए। सूतक के बाद , उस वस्त्र को भी आपको विसर्जित कर देना चाहिए। मंदिर में रखें पूजा के बर्तनों के साथ कलश, घंटी, गदा, त्रिशूल आदि ग्रहण के समाप्त होने के बाद साफ करना चाहिए।

दान जरुर करें
सूर्य ग्रहण के खत्म होने के बाद श्राद्ध और दान का काम कल्याणकारी बताया गया है। इसके साथ ही कुंडली के अनुसार, ग्रहण के प्रभाव को दूर करना चाहते हैं तो उसके लिए उपाय जरूर कर लें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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