Latest Updates
-
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व
21 September Surya Grahan : 21 सितंबर को होगा साल का आखिरी सूर्यग्रहण, भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं?
Surya Grahan 21 September 2025 : खगोल विज्ञान और ज्योतिष की दृष्टि से सितंबर 2025 बेहद खास रहने वाला है। इस महीने आसमान में एक नहीं बल्कि दो ग्रहण दिखाई देंगे। जहां पितृ पक्ष की शुरुआत 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण से होगी, वहीं इसका समापन 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण के साथ होगा।
एक ही महीने में दो बड़े ग्रहण पड़ना काफी दुर्लभ माना जाता है। खास बात यह है कि चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, लेकिन सूर्य ग्रहण का नजारा भारतीय लोग नहीं देख पाएंगे। आइए विस्तार से जानते हैं इस सूर्य ग्रहण से जुड़ी जानकारी।

21 सितंबर को कब लगेगा सूर्य ग्रहण?
21 सितंबर 2025 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन आंशिक सूर्य ग्रहण लगेगा। भारतीय समयानुसार यह रात 10:59 बजे से शुरू होगा और देर रात 03:23 बजे समाप्त होगा। कुल मिलाकर यह ग्रहण लगभग 4 घंटे 24 मिनट तक चलेगा। यह ग्रहण कन्या राशि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा। चूंकि यह भारत में रात के समय लगेगा, इसलिए यहां इसे देखा नहीं जा सकेगा।
भारत में सूर्य ग्रहण का प्रभाव
भारत में इस ग्रहण का दृश्य प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि यह यहां दिखाई नहीं देगा। यही वजह है कि भारत में इस ग्रहण का कोई सूतक काल मान्य नहीं होगा। हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार ग्रहण का सूतक काल तभी माना जाता है जब ग्रहण उस स्थान से दिखाई दे। चूंकि यह आंशिक सूर्य ग्रहण है और भारत में अदृश्य रहेगा, इसलिए इसके धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन आवश्यक नहीं होगा।
कहां-कहां दिखेगा यह ग्रहण?
21 सितंबर का आंशिक सूर्य ग्रहण विश्व के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा। इनमें प्रमुख रूप से ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, न्यूजीलैंड, फिजी और अटलांटिक महासागर का क्षेत्र शामिल है। वहां के लोग इस खगोलीय घटना को अपनी आंखों से देख सकेंगे।
आंशिक सूर्य ग्रहण क्या होता है?
जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, लेकिन वे तीनों पूरी तरह से एक सीध में नहीं होते, तब आंशिक सूर्य ग्रहण बनता है। इस स्थिति में चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ढक पाता है, जिससे पृथ्वी से देखने पर ऐसा लगता है कि सूर्य का एक भाग ढक गया है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण से अलग होता है, क्योंकि उसमें सूर्य पूरी तरह से चंद्रमा के पीछे छिप जाता है।
सूर्य ग्रहण देखने के सावधानियां
सूर्य ग्रहण एक बेहद अद्भुत खगोलीय घटना है और खगोल प्रेमी इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं। हालांकि, इसे नंगी आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है। सूर्य की तीव्र किरणें आंखों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसीलिए वैज्ञानिक और विशेषज्ञ हमेशा लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
- सूर्य ग्रहण सुरक्षित रूप से देखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- स्पेशल सोलर ग्लासेस या फिल्टर का इस्तेमाल करें।
- कैमरे, दूरबीन या मोबाइल से इसे सीधे न देखें, क्योंकि इससे आपकी आंखें और डिवाइस दोनों को नुकसान हो सकता है।
- यदि ग्रहण को देखना ही है, तो मान्य वैज्ञानिक तरीकों जैसे पिनहोल प्रोजेक्टर या सर्टिफाइड फिल्टर का प्रयोग करें।
धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को ग्रहों की असामान्य स्थिति माना जाता है। 21 सितंबर को लगने वाला यह आंशिक सूर्य ग्रहण कन्या राशि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा। हालांकि, चूंकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां के लोगों पर इसका धार्मिक असर नहीं होगा। फिर भी ज्योतिषियों का मानना है कि यह वैश्विक स्तर पर राजनीति, मौसम और प्राकृतिक घटनाओं पर कुछ असर डाल सकता है।



Click it and Unblock the Notifications