Utpanna Ekadashi 2025 Sanskrit Wishes: उत्पन्ना एकादशी पर भेजें संस्कृत के पवित्र श्लोक और मंगलकामनाएं

Utpanna Ekadashi 2025 Sanskrit Wishes: आज उत्पन्ना एकादशी है, ये दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पावन दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस तिथि पर व्रत रखने और हरि-नाम का जप करने से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं और मन व हृदय में शांति का प्रकाश फैलता है। उत्पन्ना एकादशी पर यदि आप अपने प्रियजनों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरे शुभ संदेश भेजना चाहते हैं, तो संस्कृत के पवित्र श्लोक और मंगलकामनाएं सबसे श्रेष्ठ माने गए हैं।

संस्कृत की दिव्य वाणी न केवल भक्ति बढ़ाती है बल्कि सकारात्मकता और शुभता का विशेष आशीर्वाद भी देती है। यहां आपके लिए प्रस्तुत हैं उत्पन्ना एकादशी के शुभ अवसर पर भेजने योग्य सुंदर, सरल और अत्यंत प्रभावशाली संस्कृत शुभकामनाएं।

Utpanna Ekadashi 2025 Sanskrit Wishes

संस्कृत शुभकामना संदेश (Sanskrit Wishes)

उत्पन्ना एकादशी शुभाशयाः।
श्रीहरिः सर्वेभ्यः सौख्यम् आनयतु।
- उत्पन्ना एकादशी की शुभकामनाएँ, भगवान विष्णु सभी को सुख दें।

एकादश्यां हरिस्मरणं कल्याणम्। शुभमस्तु!
- एकादशी पर हरि-स्मरण ही कल्याण है। शुभ हो!

हरिनामस्मरणेन जीवनं पवित्रं भवतु।
- हरि-नाम जप से जीवन पवित्र हो।

शुभेऽस्मिन् दिने श्रीविष्णोः कृपा सदा भवतु।
- इस शुभ दिन विष्णु भगवान की कृपा सदा बनी रहे।

उत्पन्ना एकादशी-दीने सर्वेभ्यः मंगलं।
- उत्पन्ना एकादशी के दिन सभी को मंगल मिले।

संस्कृत श्लोक (शुभकामनाओं सहित)

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
सर्वदुःखनाशं कुरु मे प्रभो।
- हे वासुदेव, मेरे सभी दुख दूर करें।

सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः।
- सभी सुखी रहें, सब निरोग रहें।

अच्युतानन्त गोविन्द, नामोच्चारणमेव च।
विनाशयति पापानि, तस्मात् जपेन्मनःसुखम्॥
- हरि-नाम का उच्चारण पापों का नाश करता है, इसलिए जप करें।

शान्ताकाऱं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशम्।
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्॥
- भगवान विष्णु का स्मरण मन को शांति व शक्ति देता है।

Utpanna Ekadashi 2025 Sanskrit Wishes

हरिर्दाता हरिर्भोक्ता हरिः सर्वस्य कारणम्।
- हरि ही दाता, हरि ही भोगता, वही सबका कारण है।

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एकादशी व्रतं-मनश्शुद्धये, आत्मशक्तये, हरिकृपार्थम्।
- एकादशी व्रत मन, आत्मा और आस्था को पवित्र करता है।

हरिनामैव जीवनस्य आधारः।
- हरि नाम ही जीवन का आधार है।

जय श्रीहरिः। उत्पन्ना एकादशी शुभमस्तु।
- जय श्रीहरि! उत्पन्ना एकादशी मंगलमय हो।

भक्तिर्विष्णोः परमं बलम्।
- विष्णु भक्ति ही सबसे बड़ा बल है।

श्रीविष्णुपादाम्बुजेषु मम चित्तं नित्यं स्थिरं भवतु।
- मेरा मन सदा विष्णु चरणों में स्थिर रहे।

संस्कृत भक्ति शायरी (Devotional Poetry in Sanskrit)

हरिं विना न सुखं किञ्चित्,
हरिर्भक्तेषु दयालुः सदा।
एकादश्यां हरिस्मरणं,
जनानाम् पावनं भवेत्॥
- हरि के बिना सुख नहीं, और एकादशी पर उनका स्मरण मन को पवित्र कर देता है।

भक्त्या युक्तं हृदयं यस्य,
तस्य जीवनं सफलं भवेत्।
उत्पन्ना एकादशी शुभे,
श्रीहरिर्वारयतु व्यथाः॥
- भक्तिभरा हृदय ही सफल जीवन देता है, एकादशी पर हरि सभी दुख दूर करें।

दीप्यमानं हरिचरणं,
भय-शोक-विनाशनम्।
एकादशी शुभे दिवसे,
भवतु सर्वं मंगलम्॥
- हरि चरणों का प्रकाश हर भय और दुख दूर करता है।

Story first published: Saturday, November 15, 2025, 7:06 [IST]
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