Latest Updates
-
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
Buddha Purnima 2023: सुखी वैवाहिक जीवन के लिए वैशाख पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय
हर महीने आने वाली पूर्णिमा और अमावस्या तिथि की महत्ता आपने सुनी ही होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से ईश्वर की विशेष कृपा बरसती है।
वैसे तो साल में 12 पूर्णिमा होती हैं, लेकिन जब अधिक मास लगता है तो कुल 13 पूर्णिमा पड़ती है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का काफी महत्वपूर्ण बताया गया है।

5 मई 2023, शुक्रवार को वैशाख पूर्णिमा पड़ रही है। कहते हैं इस दिन भगवान विष्णु के 9वें अवतार गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। चूंकि भगवान बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक थे इसलिए इस धर्म के लोगों के लिए वैशाख पूर्णिमा का दिन किसी उत्सव से कम नहीं होता है।
इस पूर्णिमा को कूर्म जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। कहते हैं भगवान विष्णु ने इस दिन ही अपना कच्छप अवतार भी लिया था।
वैशाख पूर्णिमा के दिन लोग व्रत और पूजा करते हैं। इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना या पढ़ना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
वैशाख पूर्णिमा की तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार 04 मई, 2023 को रात्रि 11 बजकर 34 मिनट पर वैशाख पूर्णिमा तिथि की शुरूआत होगी। 05 मई 2023 को रात्रि 11 बजकर 03 मिनट पर पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी। ऐसे में उदया तिथि की मान्यता के अनुसार व्रत और पूजा 5 मई को ही होगी।
वैशाख पूर्णिमा के दिन पूजा और स्नान का शुभ मुहूर्त
वैशाख पूर्णिमा के दिन सुबह 04 बजकर 12 मिनट से 04 बजकर 55 मिनट के बीच का समय स्नान के लिए उत्तम रहेगा। इसके बाद सुबह 07 बजकर 18 मिनट से सुबह 08 बजकर 58 मिनट की बीच भगवान सत्यनारायण की पूजा का शुभ मुहूर्त है। शाम 6 बजकर 45 मिनट पर चंद्र देव को अर्घ्य देने का शुभ समय है। इस दिन माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। 05 मई 2023, रात्रि 11 बजकर 56 मिनट से 06 मई 2023, को 12 बजकर 39 मिनट के बीच देवी मां की पूजा की जा सकती है।
वैशाख पूर्णिमा का महत्व
वैशाख पूर्णिमा के दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। गंगा नदी में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और कष्ट दूर होते हैं। इसके अलावा इस दिन जरूरतमंदों को दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। पूर्णिमा के दिन चंद्रदेव की भी पूजा की जाती है। लोग चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं। कहते हैं चंद्र देव की पूजा करने से व्यक्ति रोग मुक्त रहता है और उसके जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है।
वैशाख पूर्णिमा के दिन करें ये उपाय
1. यदि आपके वैवाहिक जीवन में परेशानियां बनी रहती हैं तो वैशाख पूर्णिमा के दिन शादीशुदा जोड़े चंद्रदेव को दूध अर्घ्य दें। ऐसा करने से चंद्रमा मजबूत होगा और आपके दांपत्य जीवन में खुशहाली आएगी।
2. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन की कमी दूर होती है। वैशाख पूर्णिमा के दिन भूलकर भी तुलसी का पत्ता न तोड़ें।
3. घर की सुख शांति बनाए रखने और तनाव से छुटकारा पाने के लिए वैशाख पूर्णिमा के दिन आप गीता का पाठ करें। कहते हैं इस दिन गीता का पाठ करने से जगत के पालनहार भगवान विष्णु बेहद प्रसन्न होते हैं।
4. वैशाख पूर्णिमा के दिन पीपल के पेड़ की भी पूजा की जाती है। कहते हैं भगवान बुद्ध को बोधि वृक्ष के नीचे ही ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। बोधि वृक्ष पीपल का पेड़ है। इस दिन शक्कर या गुड़ मिलाकर पीपल की जड़ में जल अर्पित करें। इसके अलावा वृक्ष के आगे दीपक जलाएं। ऐसा करने से उग्र ग्रह शांत हो जाएंगे।
5. चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए भी पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की पूजा की जाती है। इस दिन चंद्रमा से जुड़ी चीजें चीनी, चावल, दूध, मोती आदि का दान किया जाता है। इसके अलावा चंद्र दोष को दूर करने के लिए मोती भी धारण किया जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications