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Vastu Tips : नटराज की मूर्ति गिफ्ट में क्यों नहीं देनी चाहिए? वास्तु से जुड़ी है वजह
Can We Gift Or Keep Natraj statue at Home : हमने कई बार देखा होगा कि लोग भगवान की प्रतिमाओं को उपहारस्वरूप देते हैं। लेकिन आप जानते हैं कि भगवान की कुछ प्रतिमाएं ऐसी भी होती हैं, जिन्हें न तो उपहार स्वरूप देना चाहिए और न हीं उन्हें घर में रखना चाहिए। इन्हीं में से एक भगवान की प्रतिमा है नटराज की।
आपने अक्सर कई लोगों के घरों में नटराज की प्रतिमा देखी होगी, खासकर उन लोगों के घरों में जो नृत्य में खास रूचि रखते हैं। वास्तु में विश्वास रखने वालों का मानना है कि घर में नटराज की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। तो ऐसे में सवाल उठता है कि नटराज की मूर्ति घर में क्यों नहीं रखनी चाहिए, आइए जानते हैं-

घर में क्यों नहीं रखनी चाहिए भगवान नटराज की प्रतिमा?
हिंदू मान्यता के मुताबिक नटराज भगवान शिव जी का रौद्र रूप है। जब भगवान शिव को अधिक क्रोध आता है तब वह नटराज रूप धारण करते हैं। इस वजह से नटराज की प्रतिमा को घर में स्थापित नहीं करना चाहिए। वास्तु के मुताबिक भगवान शिव का यह रूप तांडव यानी विनाश से जुड़ा है। नटराज के रूप में भगवान शिव रौद्र रूप से समाधि में नृत्य करते हुए दर्शाए गए है। भले ही नटराज का यह कलात्मक रूप मनभावन लगता हो, लेकिन घर के मंदिर में नहीं रखना चाहिए यह भगवान के शिव के रौद्र का प्रतीक।
नटराज के चारों ओर बना अग्नि चक्र उस ब्रह्मांडीय अग्नि का प्रतीक है जो जीवन और मृत्यु के चक्र का भी प्रतीक को दर्शाता है। इसलिए, सृजन और विनाश के प्रतीक भगवान शिव की नटराज मूर्ति को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता है। नटराज की प्रसन्न मुद्रा वाली मूर्ति या प्रतिमा को आप उपहारस्वरूप दे सकते हैं।
अगर घर में हैं नटराज की मूर्ति तो ध्यान दें
वास्तु के अनुसार आप इस तरह भगवान नटराज की मूर्ति रख सकते हैं-
- अगर भगवान शिव की प्रसन्न मुद्रा में नटराज की मूर्ति लगी है तो घबराने वाली बात नहीं है। घर में रखी नटराज की मूर्ति के बगल में शिवकामा सुंदरी (पार्वती का सबसे सुन्दर स्वरूप) को जरूर रखना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि शिव अपनी अर्धांगिनी के बिना कभी खुश नहीं रहते।
- इस बात का ध्यान रखें कि आप अकेले नटराज की मूर्ति के बगल में भगवान गणेश या किसी अन्य देवताओं की मूर्ति नहीं होनी चाहिए। हिंदू देवताओं की दो या अधिक पीतल की मूर्तियों को एक-दूसरे के बगल में रखने से बचना चाहिए।
- नटराज की मूर्ति हमेशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व कोने) में ही रखना चाहिए और यह किसी ऊंचे स्थान या टेबल पर रखनी चाहिए।
- नटराज की मूर्ति के आस-पास की चीज़ों का ध्यान रखें। मूर्ति के आसपास चमड़े से बनी कोई भी चीज़ जैसे बेल्ट, जूते, बैग आदि नहीं होनी चाहिए क्योंकि इससे मूर्ति की ऊर्जा वातावरण में नकारात्मकता पैदा कर सकती है।
- प्रतिदिन मूर्ति की साफ़-सफाई करें औ फूलों से सजाएं। महीने में कम से कम एक बार (खासकर प्रदोष के दौरान) पवित्र स्नान कराएं।



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