Latest Updates
-
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके
क्या चीर हरण के समय द्रौपदी का मासिक धर्म चल रहा था? जानिये ‘बोल्ड’ द्रौपदी से जुडी बातें
भारतीय उप महाद्वीप के सबसे बड़े ग्रन्थ के रूप में महाभारत काफी लोकप्रिय है। महाभारत की सबसे चर्चित किरदार हैं द्रौपदी। महाराजा द्रुपद की पुत्री द्रौपदी को अयोनिजा भी कहते हैं क्योंकि ऐसी मान्यता है कि द्रौपदी का जन्म किसी माता के गर्भ से ना होकर अग्नि से हुआ था।
द्रौपदी के साथ हुई दो घटनाएं बहुत ज्यादा चर्चा में रहती हैं। एक - द्रौपदी ने दुर्योधन का मजाक उड़ाया था जिसकी वजह से नाराज दुर्योधन ने युद्ध करके इनका सब कुछ छीन लेने का प्रयास किया। दूसरा - द्रौपदी का चीरहरण।

अगर द्रौपदी के चीर हरण की घटना पर विमर्श करें तो एक बात जो द्रौपदी के चरित्र से सम्बंधित उजागर होती है वो ये कि द्रौपदी उस समय भी बहुत बोल्ड थी और आमतौर पर जिन बातों को स्त्रियां गुप्त रखना चाहती हैं उन बातो पर द्रौपदी खुल कर बात करती थीं।
हस्तिनापुर में द्युतक्रीडा के दौरान जब युधिष्ठिर अपना सब कुछ हार जाते हैं, तब कर्ण उन्हें द्रौपदी की बाजी लगाने को कहता है। इस पर शकुनी अपनी धूर्तता से शास्त्रों का उल्लेख कर द्रौपदी को दांव पर लगाने को उचित साबित करता है। अपनी बुद्धि खो चुके युधिष्ठिर द्रौपदी को दांव पर लगा देते हैं। जब द्रौपदी का अपमान होता है तब, कृष्ण के दैवीय हस्तक्षेप से वह बच जाती हैं। इन सारे घटनाक्रमों में एक बात ऐसी है जिस पर कई लोगों को संशय होता है। क्या उस समय द्रौपदी का मासिक धर्म चल रहा था?

घटनाक्रम पर गौर करें तो ऐसा पाया जाता है कि हां उस समय द्रौपदी का मासिक धर्म चल रहा था।
पहली बात तो ये है कि उस समय द्रौपदी अलग एक कमरे में रह रही थी। विवाहित स्त्री को अलग कमरे में रहने की जरुरत तब होती थी जब वो रजस्वला हो। द्रौपदी के पांच पति थे और वो किसी भी पति के कक्ष में ना रहकर एक अलग कमरे में दासियों के साथ रह रही थीं। ऐसा संभव है कि उस समय द्रौपदी का मासिक धर्म चल रहा था।
दूसरी बात, जब दुःशासन ने द्रपादी को सभा में लेकर चलने की बात कही तो फिर द्रौपदी ने स्पष्ट कह दिया था कि वो अभी पुरुषों के समक्ष ख़ास तौर पर अपने बुजुर्गों के समक्ष जाने की स्थिति में नहीं है। हिन्दू मान्यता के अनुसार रजस्वला स्त्री को पुरुषों के पास जाने और स्पर्श करने से बचने को कहा जाता है। अगर द्रौपदी सभा में जाती तो अपने से बड़ो का चरण स्पर्श करना पड़ जाता। चूँकि वो रजस्वला थी इसलिए जाने से मना कर दिया।
तीसरी बात, उस समय एकांत कमरे में द्रौपदी एक ही वस्त्र में थी। उस समय की परंपरा के अनुसार रजस्वला स्त्री सिर्फ एक कपड़े को लपेट कर रहा करती थीं। इससे ये सम्भावना प्रबल होती है कि द्रौपदी रजस्वला थी।

चौथी बात, हिन्दू शास्त्रों के अनुसार पुरुषों को रजस्वला स्त्री की तरफ देखना अच्छा नहीं माना जाता था। ऐसे में जब द्रौपदी को दुःशासन दरबार में ले आया तब दरबार के सारे पुरुषों ने जिसमे भीष्म और द्रोणाचार्य भी शामिल थे, सबने अपनी नजरें झुका ली थी।
इसके अलावा महाभारत के कई रूपांतरित संस्करणों में तो ये भी लिखा गया है कि द्रौपदी को दरबार में लाने के लिए सबसे पहले सारथी प्रतिकमिन को भेजा गया था और प्रतिकमिन से द्रौपदी ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि वो रजस्वला है और अभी कहीं आने जाने की स्थिति में नहीं है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
