Kale Hanuman Ji Mandir: यहां काले रूप में विराजते हैं हनुमान जी, जहां दर्शन करने पहुंची अनन्‍या पांडे

Where is Kale Hanuman Ji Ka Mandir : मंगलवार का दिन हिंदू धर्म में हनुमान जी की भक्ति के लिए समर्पित होता है। इस दिन भक्त पूजा, पाठ और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। आमतौर पर मंदिरों में भगवान हनुमान की मूर्तियां केसरिया रंग में दिखाई देती हैं, जिन पर सिंदूर चढ़ाने की परंपरा है। लेकिन जयपुर में एक ऐसा मंदिर है जहां हनुमान जी की मूर्ति काले रंग की है।

इसे "काले हनुमान जी का मंदिर" कहा जाता है और हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे के यहां दर्शन करने के बाद यह एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

Where is Kale Hanuman Ji Ka Mandir

अनन्या पांडे ने किए दर्शन

अपनी आने वाली फिल्म 'तू मेरी, मैं तेरा' की शूटिंग के सिलसिले में जयपुर पहुंची अनन्या पांडे ने मंगलवार को इस खास मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने फिल्म की सफलता के लिए प्रार्थना की। इस मौके की तस्वीरें अनन्या ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर कीं और लिखा, "आभारी होने के लिए बहुत कुछ है।" इन तस्वीरों में वे पीले सूट में नजर आ रही हैं और हनुमान जी के आगे हाथ जोड़कर खड़ी हैं। फैंस उनकी इन तस्वीरों पर खूब प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

कहां स्थित है यह मंदिर?

यह प्रसिद्ध काले हनुमान जी मंदिर राजस्थान के जयपुर शहर में हवामहल के पास स्थित है। यह मंदिर जयपुर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां हनुमान जी की मूर्ति पूर्वमुखी है, यानी उनका मुख पूरब दिशा की ओर है। मंगलवार के दिन यहां भक्तों की विशेष भीड़ उमड़ती है।

क्यों है हनुमान जी की मूर्ति काली?

पौराणिक कथा के अनुसार, जब हनुमान जी ने सूर्यदेव से शिक्षा प्राप्त की और उनसे गुरु दक्षिणा मांगी, तब सूर्यदेव ने उनसे अपने पुत्र शनिदेव को समझाने के लिए कहा, क्योंकि शनिदेव उनकी बात नहीं मानते थे। गुरु आज्ञा का पालन करते हुए हनुमान जी शनिदेव के पास पहुंचे और उन्हें सूर्यदेव के पास लौटने के लिए कहा।

लेकिन शनिदेव क्रोधित हो गए और उन्होंने हनुमान जी पर अपनी कुदृष्टि डाल दी। उस कुदृष्टि के प्रभाव से हनुमान जी का रंग काला हो गया। हालांकि शनिदेव की दृष्टि का कोई दुष्प्रभाव हनुमान जी पर नहीं हुआ और वे उन्हें समझाने में सफल रहे। शनिदेव हनुमान जी की भक्ति से प्रसन्न होकर वरदान देते हैं कि "जो भी शनिवार को हनुमान जी की पूजा करेगा, उस पर शनिदेव की वक्र दृष्टि का कोई प्रभाव नहीं होगा।"

नजर के धागे की मान्यता

इस मंदिर की एक खास मान्यता यह भी है कि यहां से "नजर का डोरा" यानी चमत्कारी धागा प्राप्त होता है, जो विशेष रूप से बच्चों के लिए बनवाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह धागा बच्चों को बुरी नजर से बचाता है और उनके स्वास्थ्य की रक्षा करता है। यही कारण है कि दूर-दूर से श्रद्धालु विशेष रूप से अपने बच्चों के साथ इस मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं।

Story first published: Wednesday, July 23, 2025, 15:24 [IST]
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