Latest Updates
-
Bael Ka Juice: भयंकर गर्मी और लू से बचाएगा बेल का जूस, नोट करें बनाने की विधि और इसे पीने के लाभ -
इन 5 लोगों को नहीं खाने चाहिए आम, स्वाद के चक्कर में सेहत हो सकती है खराब -
क्यों मनाते हैं World Laughter Day? जानें इस साल की थीम, इतिहास और हंसने से मिलने वाले 10 लाभ -
सच हो रही है बाबा वेंगा की डरावनी भविष्यवाणी? बेमौसम बरसात गर्मी से देगी राहत या मचाएगी तबाही? -
AC Tips: रिमोट का ये एक बटन आधा कर देगा बिजली का बिल, 90% लोग नहीं जानते इसका सही इस्तेमाल -
मुनव्वर फारूकी बने पिता, घर आई नन्ही परी, देखें मुस्लिम बेटियों के लिए 100+ लेटेस्ट और मीनिंगफुल नाम -
Narad Jayanti 2026: नारायण-नारायण जपो और बाइट के लिए भागो, पत्रकारों के लिए फनी मैसेजेस और शायरी -
Narad Jayanti 2026: गूगल-विकिपीडिया से भी तेज नेटवर्क, क्यों नारद मुनि कहलाए ब्रह्मांड के पहले जर्नलिस्ट? -
Aaj Ka Rashifal 2 May 2026: आज इन 5 राशियों पर भारी पड़ सकता है शनिवार, पढ़ें अपना भाग्यफल -
मलेरिया से जल्दी रिकवर होने के लिए खाएं ये फूड्स, जानें किन चीजों से करना चाहिए परहेज
Holika Dahan 2026: होलिका दहन में क्या अर्पित करना चाहिए और क्या नहीं? जानिए प्रसाद घर लाना सही या गलत
Holika Dahan 2026: हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन का त्योहार मनाया जाता है। इसके अगले दिन रंगों वाली होली खेली जाती है। होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस साल होलिका दहन 03 मार्च को मनाया जाने वाला है। इस दिन लोग विधि-विधान से पूजा करते हैं और होलिका की अग्नि में विभिन्न पूजा सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि और नकारात्मकता से मुक्ति की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका की अग्नि बेहद पवित्र मानी जाती है और इसमें अर्पित की गई चीजों का विशेष महत्व होता है। ऐसे में, आइए, जानते हैं होली दहन में क्या डालना चाहिए और क्या नहीं?

होलिका दहन 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 02 मार्च 2026 की शाम 05 बजकर 55 मिनट से हो रही है। वहीं, इसका समापन 03 मार्च 2026 की शाम 05 बजकर 07 मिनट पर होगा। ज्योतिषियों की मानें तो 02 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा, क्योंकि 03 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है। साथ ही, 04 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी।
होलिका दहन में क्या-क्या चीजें अर्पित की जाती हैं?
होलिका दहन की पूजा में पारंपरिक और पवित्र सामग्री अर्पित करने का विधान है। आमतौर पर लोग पूजा के दौरान जलती हुई होलिका की अग्नि में नारियल, उपले, नई फसल, गेहूं की बालियां, जौ, चावल, रोली, अक्षत, गुलाल, बताशे, हल्दी की गांठ, कपूर और फूल अर्पित करते हैं। इसके साथ ही परिक्रमा करते हुए भगवान से यह प्रार्थना की जाती है कि जीवन के कष्ट, रोग और नकारात्मक ऊर्जा होलिका की अग्नि में भस्म हो जाएं और घर में सुख-शांति बनी रहे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका की पूजा करने के बाद अग्नि की परिक्रमा करना भी शुभ माना जाता है और इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
होलिका की अग्नि में भूलकर भी न डालें ये चीजें
होलिका की अग्नि को पवित्र माना जाता है, इसलिए इसमें गंदी या अपवित्र वस्तुएं डालने से बचना चाहिए। परंपराओं के अनुसार फटे-पुराने कपड़े, प्लास्टिक, टायर, टूटा फर्नीचर या कचरा अग्नि में नहीं डालना चाहिए। इसके अलावा, पानी वाला नारियल, खराब अनाज या अशुद्ध वस्तुएं भी अर्पित नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे पूजा का शुभ फल कम हो जाता है और इसे धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
होलिका दहन का प्रसाद क्या होता है?
होलिका दहन में जो सामग्री अग्नि को अर्पित की जाती है, वही प्रसाद के रूप में मानी जाती है। इसमें गेहूं, जौ, चना, नारियल, बताशे और नई फसल का विशेष महत्व होता है। कई स्थानों पर होलिका दहन के बाद बची हुई राख को भी शुभ माना जाता है और लोग इसे माथे पर लगाते हैं या घर के मंदिर में रखते हैं।
क्या होलिका दहन का प्रसाद घर ला सकते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन का प्रसाद घर लाना शुभ माना जाता है। लोग अर्पित किए गए गेहूं, जौ, चना, नारियल या बताशे को प्रसाद के रूप में घर लाकर परिवार के बीच बांटते हैं। ऐसा करने से घर में सकारात्मकता और खुशहाली बनी रहती है। साथ ही, होलिका की राख को भी बेहद पवित्र माना जाता है और इसे तिलक के रूप में लगाने या सुरक्षित स्थान पर रखने की परंपरा है।



Click it and Unblock the Notifications