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Yogini Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत? इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम
Yogini Ekadashi Kab Hai: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व माना जाता है। साल में 24 एकादशी व्रत आते हैं और इस साल क तरह अधिकमास पड़ जाए तो उसमें 26 एकादशी व्रत आते हैं जो हर तीन साल में एक बार होता है। इस बार योगिनी एकादशी की तिथि को लेकर लोगों में संशय बना हुआ है। अगर आप भी व्रत रखते हैं तो जान लें कि उदयातिथि के अनुसार, कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी व्रत के दिन कौन से काम करने की होती है सख्त मनाही।

योगिनी एकादशी का व्रत कब है?
इस बार योगिनी एकादशी व्रत को लेकर लोगों में संशय बना हुआ है। हिंदू पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि की शुरुआत 9 जुलाई को रात 9 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी और 10 जुलाई की रात 10 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। अगर आप योगिनी एकादशी का व्रत रखते हैं तो 10 जुलाई को उपवास रखा जाएगा।
कब होगा पारण?
योगिनी एकादशी का पारण 11 जुलाई को किया जाएगा। बेशक कैलेंडर में व्रत की तिथि 11 जुलाई है लेकिन व्रत 10 जुलाई को व्रत रखा जाएगा। व्रत का पारण 11 जुलाई की सुबह 5 बजकर 40 मिनट से 8 बजकर 24 मिनट तक किया जा सकता है। आप इस शुभ मुहूर्त में ही व्रत का पारण करें।
योगिनी एकादशी का महत्व
वैसे तो हर एकादशी का अपना विशेष महत्व होता है लेकिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की तिथि को आने वाली योगिनी एकादशी को पापों और कष्टों का नाश करने वाली एकादशी माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने मात्र से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने का पुण्य प्राप्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु की विधि पूर्वक पूजा करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-शांति आती है।
योगिनी एकादशी के दिन न करें ये 5 काम
1. चावल का सेवन न करें
चावल का सेवन हर एकादशी व्रत में वर्जित माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस दिन माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने अपना देह त्याग किया था। माना जाता है कि उन्होंने जहां देह त्याग किया था वहां-वहां चावल और जौ उग आए ऐसे में उस दिन से चावल और जौ को 'जीव' समान माना जाने लगा।
2. तामसिक भोजन का सेवन न करें
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है तो उपवास करने वाले भी और अन्य लोग भी तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा का सेवन न करें। ऐसा करने से श्रीहरि रुष्ट हो जाते हैं और आपके पुण्य नष्ट हो जाते हैं।
3. झूठ, क्रोध और अपशब्दों से बचें
योगिनी एकादशी के दिन आप झूठ, क्रोध से बचें और किसी को भी अपशब्द न कहें। ऐसा करने से पुण्यों का क्षय हो जाता है।
4. तुलसी के पत्ते न तोड़ें
एकादशी के दिन तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए। ये भी कहा जाता है कि इस दिन तुलसी की पूजा तो करें लेकिन जल अर्पित न करें। आप एक दिन पहले ही तुलसी पत्र तोड़कर रख लें।
5. बाल न धोएं
जो लोग व्रत कर रहे हैं खासतौर पर वो लोग इस बात का ध्यान रखें कि इस दिन बाल नहीं धोने चाहिए और न ही नाखुन काटने चाहिए।



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