कब शुरू हुए थे National Film Awards, विजेता को क‍ितनी होती हैं कैश प्राइस?

सिनेमा जगत के सबसे प्रतिष्ठित पुरुस्‍कार की घोषणा हो चुकी है। 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में मनोज बाजपेयी और शर्मीला टैगोर की फिल्म गुलमोहर को बेस्ट हिंदी फिल्म चुना गया है। कन्नड़ मूवी कांतारा ने बेस्ट एक्टर और बेस्ट फिल्म के अवॉर्ड अपने नाम किए तो वहीं फिल्म के लिए ऋषभ शेट्टी बेस्ट एक्टर चुने गए हैं।

वहीं फिल्म तिरुचित्राम्बलम के लिए नित्या मेनन और कच्छ एक्सप्रेस के लिए मानसी पारेख को बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला है। फिल्म ऊंचाई के लिए बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड सूरज बड़जात्या और नीना गुप्ता को इसी फ‍िल्‍म के ल‍िए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता है। वैसे ये तो हो गई विजेताओं का नाम लेक‍िन जानते हैं कि आखिर नेशनल अवॉर्ड दिया किसके हाथों जाता है। ये अवॉर्ड कब शुरू हुए थे और विजेताओं को क्‍या-क्‍या अवॉर्ड में दिया जाता है?

70th National Film Awards How much prize money will the winners take home

कब हुई नेशनल अवॉर्ड देने की शुरुआत?

नेशनल फिल्म अवॉर्ड की शुरुआत करने के लिए 1949 में एक कमेटी गठित की गई। इस समिति का काम शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित बनी बेस्‍ट फिल्मों का चुनाव करना था। नेशनल फिल्म अवॉर्ड देश का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म अवॉर्ड है, जिसकी शुरुआत 1954 में हुई थी। बेस्ट फिल्म की कैटेगरी में सबसे पहला नेशनल अवॉर्ड मराठी फिल्म 'श्यामची आई' को मिला था। शुरुआती दौर में इन्हें राजकीय फिल्म पुरस्कार के नाम से जाना जाता था केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा ये समारोह आयोजित किया जाता है। इसके बाद राष्ट्रपति इन पुरस्कारों का वितरण करते हैं।

कितनी कैटेगरी में दिए जाते हैं नेशनल अवॉर्ड?

बता दें नेशनल फिल्म अवॉर्ड के विजेताओं को दो कैटेगरी में रखा जाता है। इसके हिसाब से उन्हें प्राइज मनी और खिताब भी दिया जाता है। ये दो कैटेगरी स्वर्ण कमल और रजत कमल हैं। स्वर्ण कमल विजेता को ज्यादा प्राइज मनी मिलती है, जबकि रजत कमल विजेता को कम।

अवॉर्ड में क्या मिलता है?

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में हर कैटेगरी के आधार पर अलग अवॉर्ड दिया जाता है, जिन्हें रजत कमल, स्वर्ण कमल आदि नाम से जाना जाता है। कुछ अवॉर्ड में नकद पुरस्कार भी दिया जाता है, जबकि कुछ कैटेगरी में सिर्फ मेडल ही दिया जाता है। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के विजेता को पुरस्कार स्वरूप स्वर्ण कमल, 10 लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और शॉल प्रदान किया जाता है। सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म विनर को स्वर्ण कमल और ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं। कई कैटेगरी में रजत कमल और डेढ़ लाख रुपये दिए जाते हैं और कई फिल्मों में एक लाख रुपये दिए जाते हैं। यह हर कैटेगरी के आधार पर तय किया जाता है।

Story first published: Friday, August 16, 2024, 23:50 [IST]
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