Latest Updates
-
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिषेक बच्चन के नाम और तस्वीरों के गलत इस्तेमाल पर लगाई रोक, क्या है पर्सनैलिटी राइट्स
Personality Rights What It Means : बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपनी पहचान और पर्सनैलिटी से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा के लिए अपील की। कोर्ट ने इस मामले में अभिषेक बच्चन को अंतरिम राहत (Interim Injunction) प्रदान की है।
इसका मतलब है कि बिना उनकी अनुमति कोई भी संस्था या व्यक्ति उनके नाम, तस्वीर, आवाज़ या पहचान का इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं कर सकता। यह फैसला न सिर्फ अभिषेक बच्चन के लिए बल्कि अन्य सेलिब्रिटीज़ और आम नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण उदाहरण पेश करता है।

पर्सनैलिटी राइट्स क्या होते हैं?
पर्सनैलिटी राइट्स से आशय उन कानूनी अधिकारों से है, जो किसी व्यक्ति की पहचान, नाम, चेहरा, आवाज़ और व्यक्तित्व की सुरक्षा करते हैं। खासतौर पर सेलिब्रिटीज़, जिनकी लोकप्रियता का व्यावसायिक फायदा उठाया जा सकता है, उनके लिए यह अधिकार बहुत अहम होते हैं।
नाम और तस्वीर का अधिकार: किसी भी व्यक्ति का नाम, फोटो या इमेज उनकी अनुमति के बिना विज्ञापन, ब्रांडिंग या प्रमोशन में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
आवाज़ और सिग्नेचर स्टाइल: यदि किसी सेलिब्रिटी की आवाज़ या डायलॉग उनकी पहचान है, तो बिना इजाजत उनका उपयोग गलत माना जाएगा।
व्यक्तिगत गरिमा की सुरक्षा: ये अधिकार सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी इंसान की पहचान से छेड़छाड़ न हो और उसका गलत फायदा न उठाया जाए।
मामला क्यों उठा?
अभिषेक बच्चन ने पाया कि कुछ कंपनियां और प्लेटफ़ॉर्म उनके नाम और पर्सनैलिटी का उपयोग बिना अनुमति कर रहे थे। इससे न सिर्फ उनकी छवि प्रभावित हो सकती थी बल्कि उनकी पहचान का व्यावसायिक शोषण भी हो रहा था। ऐसे मामलों में यह खतरा होता है कि लोग किसी उत्पाद या सेवा को यह मानकर अपनाएं कि उसे अभिषेक बच्चन प्रमोट कर रहे हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश
कोर्ट ने माना कि अभिषेक बच्चन जैसे लोकप्रिय अभिनेता की पहचान को उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल करना उनके पर्सनैलिटी राइट्स और प्राइवेसी का उल्लंघन है। इसलिए अदालत ने उन कंपनियों और व्यक्तियों पर रोक लगाते हुए कहा कि जब तक मुकदमे की सुनवाई चल रही है, तब तक अभिषेक बच्चन की तस्वीर, नाम, आवाज़ और अन्य पर्सनैलिटी एलिमेंट्स का उपयोग उनकी अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता।
क्यों है यह फैसला अहम?
सेलिब्रिटी के लिए सुरक्षा कवच: अब कंपनियां बिना अनुमति किसी भी फिल्म स्टार की पहचान का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी।
फैंस और उपभोक्ताओं की सुरक्षा: उपभोक्ताओं को गुमराह करने की संभावना कम होगी। लोग भरोसे में आएंगे कि जिस ब्रांड को सेलिब्रिटी प्रमोट कर रहे हैं, वह वास्तव में उनके जुड़ाव से है।
कानून के दायरे का विस्तार: यह केस आने वाले समय में अन्य सेलिब्रिटीज़ और यहां तक कि आम नागरिकों के लिए भी उदाहरण बनेगा।
पर्सनैलिटी राइट्स और सोशल मीडिया
आज के समय में सोशल मीडिया का असर बहुत बड़ा है। मीम्स, फैन पेज और ब्रांड कोलैबोरेशन में अक्सर सेलिब्रिटीज़ की तस्वीरें और नाम उपयोग किए जाते हैं। लेकिन यह फैसला स्पष्ट करता है कि व्यावसायिक या प्रमोशनल मकसद से अगर किसी की पहचान का इस्तेमाल करना है तो पहले उनकी अनुमति लेना जरूरी है।



Click it and Unblock the Notifications
