Latest Updates
-
डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन कैसे डालती है दिमाग पर असर, 60 साल बाद रिसर्च में हुआ खुलासा -
चेहरे से झाइयां हटाने के लिए शहद का इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल, फेस पर आएगा इंस्टेंट निखार -
चेहरे के अनचाहे बालों और मूंछों से हैं परेशान? आजमाएं ये जादुई उबटन, पार्लर जाना भूल जाएंगे -
Kamada Ekadashi 2026: 28 या 29 मार्च, कब है कामदा एकादशी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
नवरात्रि में जन्मीं बेटियों के लिए मां दुर्गा के 108+ सबसे सुंदर नाम और उनके अर्थ, देखें लिस्ट -
Ram Navami 2026 Upay: राम नवमी पर प्रभु राम को प्रसन्न करने के लिए करें ये 5 उपाय, सुख-सौभाग्य में होगी वृद्धि -
क्या लग सकता है 'एनर्जी लॉकडाउन'? LPG से पेट्रोल तक बाबा वेंगा की 3 भविष्यवाणियां जो सच होती दिख रहीं -
Ram Navami Wishes in Marathi: राम जन्मोत्सवाच्या हार्दिक शुभेच्छा! मराठी में दें रामनवमी की शुभकामनाएं -
Ram Navami 2026 Wishes: जिनके मन में श्री राम हैं...राम नवमी पर अपने प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Ram Navami 2026 Sanskrit Wishes: 'अस्तु शुभं रामनवमी', अपनों को भेजें ये खास संस्कृत श्लोक और संदेश
OMG: राजस्थान में आज भी चल रही है ये अनोखी प्रथा, जहां लड़कियां पहले करती हैं बच्चा पैदा और फिर होती है शादी
Unique Tradition of Rajasthan's Garasia Tribe: राजस्थान के कुछ आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में एक अनोखी परंपरा देखने को मिलती है, जहां लड़कियां पहले बच्चा पैदा करती हैं और उसके बाद उसी व्यक्ति से शादी करती हैं। यह प्रथा मुख्य रूप से डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों की गरासिया जनजाति में प्रचलित है।

प्रथा का नियम
इस परंपरा के अनुसार, लड़की की शादी तभी होती है जब वह बच्चा पैदा कर लेती है। शादी से पहले, लड़कियां अपनी मर्जी से लिव-इन रिलेशनशिप में रह सकती हैं और संबंध बना सकती हैं।
घरवालों की सहमति
गरासिया जनजाति में लड़कियों को अपने जीवनसाथी का चुनाव करने की पूरी स्वतंत्रता होती है। उन्हें किसी रिश्ते में जाने या साथी चुनने पर घरवालों की ओर से कोई पाबंदी नहीं होती।
शादी की प्रक्रिया
जब लड़की और उसका साथी बच्चा पैदा कर लेते हैं, तो उनके बीच विवाह संपन्न होता है। हालांकि, शादी से पहले लड़की को यह अधिकार होता है कि वह किसी अन्य व्यक्ति को भी अपने जीवनसाथी के रूप में चुन सकती है।
क्यों खास है यह प्रथा?
यह प्रथा सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं का उदाहरण है, जो गरासिया जनजाति की विशिष्टता को दर्शाती है। हालांकि, यह प्रथा भारत के शहरी और आधुनिक समाज से बिल्कुल अलग है, लेकिन इसे यहां की परंपरा और जीवनशैली का हिस्सा माना जाता है।
इस प्रथा को आधुनिक दृष्टिकोण से देखने पर भले ही यह अजीब लगे, लेकिन यह समुदाय की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक सोच को दर्शाती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











