Latest Updates
-
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासु मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत -
Akshaya Tritiya 2026 Upay: अक्षय तृतीया पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-संपत्ति में होगी वृद्धि -
World Liver Day 2026: हर साल 19 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है विश्व लिवर दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और थीम -
Nashik TCS Case: कौन है निदा खान? प्रेग्नेंसी के बीच गिरफ्तारी संभव या नहीं, जानें कानून क्या कहता है -
कश्मीर में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, क्या सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
चेहरे से टैनिंग हटाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी दमकती त्वचा
OMG: राजस्थान में आज भी चल रही है ये अनोखी प्रथा, जहां लड़कियां पहले करती हैं बच्चा पैदा और फिर होती है शादी
Unique Tradition of Rajasthan's Garasia Tribe: राजस्थान के कुछ आदिवासी और ग्रामीण इलाकों में एक अनोखी परंपरा देखने को मिलती है, जहां लड़कियां पहले बच्चा पैदा करती हैं और उसके बाद उसी व्यक्ति से शादी करती हैं। यह प्रथा मुख्य रूप से डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों की गरासिया जनजाति में प्रचलित है।

प्रथा का नियम
इस परंपरा के अनुसार, लड़की की शादी तभी होती है जब वह बच्चा पैदा कर लेती है। शादी से पहले, लड़कियां अपनी मर्जी से लिव-इन रिलेशनशिप में रह सकती हैं और संबंध बना सकती हैं।
घरवालों की सहमति
गरासिया जनजाति में लड़कियों को अपने जीवनसाथी का चुनाव करने की पूरी स्वतंत्रता होती है। उन्हें किसी रिश्ते में जाने या साथी चुनने पर घरवालों की ओर से कोई पाबंदी नहीं होती।
शादी की प्रक्रिया
जब लड़की और उसका साथी बच्चा पैदा कर लेते हैं, तो उनके बीच विवाह संपन्न होता है। हालांकि, शादी से पहले लड़की को यह अधिकार होता है कि वह किसी अन्य व्यक्ति को भी अपने जीवनसाथी के रूप में चुन सकती है।
क्यों खास है यह प्रथा?
यह प्रथा सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं का उदाहरण है, जो गरासिया जनजाति की विशिष्टता को दर्शाती है। हालांकि, यह प्रथा भारत के शहरी और आधुनिक समाज से बिल्कुल अलग है, लेकिन इसे यहां की परंपरा और जीवनशैली का हिस्सा माना जाता है।
इस प्रथा को आधुनिक दृष्टिकोण से देखने पर भले ही यह अजीब लगे, लेकिन यह समुदाय की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक सोच को दर्शाती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











